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लिवर ट्रांसप्लांट के बाद पति-पत्नी दोनों की मौत; सह्याद्री अस्पताल पुणे में सनसनीखेज घटना

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पुणे. सह्याद्री अस्पताल में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। बापू कोमकर को बचाने के लिए उनकी पत्नी कमिनी कोमकर ने अपना लिवर दान किया। लेकिन सर्जरी के कुछ घंटों बाद पति की मौत हो गई और मात्र छह दिन बाद पत्नी भी चल बसीं।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने लापरवाही बरती। डॉक्टरों ने केवल “5% खतरा” बताया था, फिर 100% नुकसान कैसे हुआ? पूरी तरह स्वस्थ कमिनी कोमकर की मौत का जवाब कौन देगा?

अस्पताल का पक्ष है कि “लिवर ट्रांसप्लांट जटिल सर्जरी है, सभी प्रोटोकॉल अपनाए गए।” पर सवाल यह है कि क्या जोखिम बताकर डॉक्टर जिम्मेदारी से बच सकते हैं?इस त्रासदी से कोमकर परिवार तबाह हो गया — पीछे 20 वर्षीय बेटा और सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी रह गई है।

अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई का इंतजार है। मगर यह घटना हर मध्यमवर्गीय परिवार के लिए चेतावनी है और सरकार व स्वास्थ्य तंत्र के लिए निजी अस्पतालों की जवाबदेही तय करने की चुनौती।

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