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सारथी की योजनाओं का ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार होना चाहिए – राधाकृष्ण विखे पाटील

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पुणे।‌ राज्य के जल संसाधन मंत्री तथा मराठा आरक्षण पर गठित उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटील ने आज पुणे में सारथी संस्था का दौरा कर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लक्षित समूहों तक योजनाओं का विस्तार कर युवाओं को रोजगारमुखी योजनाएं उपलब्ध कराना और सामाजिक व शैक्षणिक प्रगति के लिए नए अवसर उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

इस बैठक के दौरान श्री. अजित निंबाळकर (सेवानिवृत्त भा.प्र.से., पूर्व मुख्य सचिव, महाराष्ट्र शासन व अध्यक्ष – सारथी), श्री. महेश पाटील (भा.प्र.से., प्रबंध निदेशक, सारथी), श्री. उमाकांत दांगट (सेवानिवृत्त भा.प्र.से., निदेशक एवं कार्यकारिणी सदस्य) तथा संस्था के सभी विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
संस्था की वर्तमान योजनाएं, आवेदकों की प्रतिक्रिया, ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव और नए उपक्रमों के खाके पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक से पूर्व व दौरान विभिन्न शिष्टमंडलों ने मंत्री से मुलाकात कर अपने निवेदन प्रस्तुत किए। इनमें ग्रामीण छात्रों और युवाओं को अधिक छात्रवृत्ति, मार्गदर्शन केंद्र, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठी। मंत्री विखे पाटील ने प्रत्येक शिष्टमंडल की बात धैर्यपूर्वक सुनी और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नोट किया।

मंत्री विखे पाटील ने कहा, “सामाजिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की प्रगति हेतु स्थापित सारथी संस्था के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को अधिकाधिक शैक्षणिक व व्यावसायिक अवसर प्राप्त होने चाहिए। रोजगाराभिमुख प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा के लिए सहायता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आधुनिक कौशल विकास पर संस्था को विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में संस्था की शाखाएं या समन्वय केंद्र शुरू करने पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।

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