Jan Bharat Samachar

आजादी के बाद भारत में ‘गौहत्या बंदी’ कानून लागू हुआ था – कांग्रेस नेता गोपालदादा तिवारी

Spread the love

पुणे. भारत में स्वतंत्रता के बाद ‘गौहत्या बंदी’ कानून की शुरुआत हुई थी। कांग्रेस नेता एवं वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गौहत्या रोकने वाला कानून (The U.P. Prevention of Cow Slaughter Act) १९५४-५५ में देश और राज्य में कांग्रेस सरकार के समय लागू किया गया था।

गोपालदादा तिवारी ने यह जानकारी ‘अखिल नवी पेठ कला – क्रीड़ा सांस्कृतिक महोत्सव’ के भव्य “वसुबारस” कार्यक्रम के अवसर पर दी, जिसमें गो-पूजन का विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर कै. श्रीराम महादेव सपकाळ की स्मृति में ५०० तुलसी की पौधें वितरित की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत हिंदवी स्वराज्य संस्थापक श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर राष्ट्रवादी कांग्रेस नेता रूपाली ताई ठोंबरे द्वारा ‘गो-माता पूजन’ से हुई।

गोपालदादा तिवारी ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद ४८ (Directive Principles of State Policy) में राज्यों को ‘गोवंश संरक्षण और गौहत्या रोकने’ की सिफारिश की गई है। उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस नेता, तत्कालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के गृहमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में ‘गौहत्या बंदी’ कानून लागू किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एवं आयोजक पै. गणेश श्रीराम सपकाळ, रोहित खंडागळे, शेखर पवार, अजय राजवाड़े, राकेश क्षीरसागर, नितीन सपकाळ, अनंत वनंगे, तेजस सपकाळ सहित कई सहयोगी मित्र परिवार और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Exit mobile version