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वोट चोरी लोकतंत्र को खत्म करने का भाजपाई कुटील षड्यंत्र – हर्षवर्धन सपकाळ

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पुणे . वोट चोरी देश की एक विदारक सच्चाई बन चुकी है और लोकतंत्र को समाप्त करने का यह भाजपा का खतरनाक और कूटनीति है। जनता के एकमत के अधिकार को छीनना यानी नागरिकों को दी गई सर्वोच्च शक्ति का अपमान करना है। भारतीय संविधान ने सभी जाति–धर्म, महिला–पुरुष को समान मताधिकार दिया है, लेकिन भाजपा–आरएसएस इस शक्ति को कमजोर कर, सत्ता को कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं। वोट चोरी उनके कई हथियारों में से एक है, और लोकतंत्र को खोखला करने की बड़ी साजिश का हिस्सा है,” ऐसी तीखी टिप्पणी  महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने की।
वे बालगंधर्व कला दलान में कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी के जन्मदिन उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा–कर्तव्य–त्याग’ सप्ताह अंतर्गत “लोकतंत्र की हत्या – वोट चोरी का विदारक सत्य” इस प्रदर्शनी का दौरा करते हुए बोल रहे थे। इस मौके पर पूर्व नगरसेवक अविनाश बागवे, सुनील मलके, लता राजगुरु, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सरचिटणीस प्रशांत सुरसे, एडवोकेट साबिर शेख, इंटक्स अध्यक्ष चेतन अग्रवाल सहित अनेक पूर्व–वर्तमान नगरसेवक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सपकाळ ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत तथ्यपूर्ण मांडणी की सराहना की और कहा कि यह विषय केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र के अस्तित्व से जुड़ा हुआ गंभीर प्रश्न है। कार्यक्रम के संयोजक और इस प्रदर्शनी के मार्गदर्शक, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मोहन जोशी ने स्वागत तथा प्रास्ताविक भाषण दिया। उन्होंने कहा, “वोट चोरी सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि यह लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करने वाला संकट है।”

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