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डिकाई द्वारा भव्य दिव्यांग चित्रकला प्रतियोगिता उत्साह के साथ संपन्न

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पुणे: इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिकाई) की ओर से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आयोजित भव्य चित्रकला प्रतियोगिता रमणबाग न्यू इंग्लिश स्कूल, पुणे में अत्यंत उत्साह और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग के 600 से अधिक दिव्यांग विद्यार्थी तथा उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के दौरान दिव्यांग विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति, रंगों के संयोजन और चित्रकला कौशल के माध्यम से प्रकृति, सामाजिक विषयों, सपनों और आत्मविश्वास का प्रभावी चित्रण किया। विद्यार्थियों को अपनी कला के प्रदर्शन का मंच मिले, उनका आत्मविश्वास बढ़े और रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिले—इसी उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर महाराष्ट्र साइबर विभाग, मुंबई के पुलिस उपमहानिरीक्षक (आईपीएस) संजय शिंत्रे, वरिष्ठ चित्रकार एवं शिल्पकार प्रमोद कांबळे, डिकाई संस्था के संस्थापक अध्यक्ष ध्यानगुरु रघुनाथ येमुल गुरुजी, रमणबाग न्यू इंग्लिश स्कूल के उपमुख्याध्यापक जयंत टोले, डिकाई संस्था के सचिव शेखर यादव तथा समन्वयक प्रशांत मोहोळकर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

वरिष्ठ कलाकार प्रमोद कांबळे ने एकाग्रता, निरंतर अभ्यास और सृजनात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से चित्रकला व शिल्पकला में सफलता प्राप्त करने के विषय में मार्गदर्शन किया। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इन दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं, तो वे उन्हें कला के क्षेत्र में करियर बनाने हेतु मार्गदर्शन देने के लिए तत्पर हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ध्यानगुरु रघुनाथ येमुल गुरुजी ने कहा, “दिव्यांग विद्यार्थियों के रंगों में उनका आत्मविश्वास, जिद और उज्ज्वल भविष्य के सपने स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।”

डिकाई संस्था की ओर से शीघ्र ही एक डिजिटल पोर्टल प्रारंभ किया जाएगा, जिसके माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी कला-कौशल विकास के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, डिकाई द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा एवं उच्च शिक्षा हेतु तीन विद्यार्थियों को गोद लेने का संकल्प भी इस अवसर पर घोषित किया गया।

*सोशल मीडिया और छोटे बच्चे साइबर ठगों का सॉफ्ट टार्गेट – संजय शिंत्रे, पुलिस उपमहानिरीक्षक, महाराष्ट्र साइबर सेल*

दिव्यांग विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए राज्य के साइबर सेल के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजय शिंत्रे ने कहा कि सोशल मीडिया और छोटे बच्चों के माध्यम से साइबर ठग अपने टार्गेट तय कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले अधिकांश विज्ञापन फर्जी होते हैं। कई बार हम बिना जाँच-पड़ताल के सोशल मीडिया या नए ऐप्स की शर्तें स्वीकार कर लेते हैं, जो खतरनाक हो सकता है।

उन्होंने बताया कि बच्चे जब विभिन्न गेम्स खेलते हैं, तब आने वाले विज्ञापन, लिंक या संदेशों के माध्यम से साइबर अपराधी मोबाइल में वायरस भेजकर व्यक्तिगत जानकारी चुरा लेते हैं। इसलिए सोशल मीडिया के उपयोग और बच्चों के हाथ में मोबाइल देते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की।

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