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पुणेकरों के मुद्दे पर BJP के खिलाफ खड़े होने वाले अजीतदादा 3 साल में पुणेकरों के लिए लड़ते हुए क्यों नहीं दिखे?

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लोकमान्य नगर विकास स्थगन प्रकरण में लगे “श्रेयजीवी बैनरों” पर आचार संहिता उल्लंघन की कार्रवाई की चुनाव आयोग से मांग

पुणे, 5 जनवरी : पुणे के विकास को लेकर भाजपा सरकार के विरुद्ध बयानबाज़ी करने वाले राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं पुणे के पालक मंत्री अजितदादा पवार, सत्ता में रहते हुए भी पुणेकरों के ज्वलंत मुद्दों पर कभी खुलकर संघर्ष करते हुए क्यों नहीं दिखाई दिए , ऐसा तीखा सवाल कांग्रेस के वरिष्ठ राज्य प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने उठाया है।
यह सवाल उन्होंने प्रभाग क्रमांक 27 में कांग्रेस–शिवसेना आघाड़ी के उम्मीदवारों सौ. पायल काळे, नंदकुमार वीर, गायत्री गरूड एवं अनंत धरत के प्रचार समापन के अवसर पर उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए किया।


गोपालदादा तिवारी ने कहा कि, लोकमान्य नगर के विकास के नाम पर जनता को सपने दिखाने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस और उसके नेता अजितदादा पवार ने, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिए गए अन्यायपूर्ण विकास स्थगन आदेश पर मंत्रिमंडल के भीतर या बाहर कभी एक शब्द भी क्यों नहीं बोला?  यह सवाल आज भी अनुत्तरित है।

उन्होंने आगे कहा कि, अंततः उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा लगाए गए विकास स्थगन को रद्द करते हुए सरकार के अनैतिक हस्तक्षेप पर कड़ी टिप्पणी की और लोकमान्य नगर के विकास को मंजूरी दी। यह जीत पूरी तरह संविधान और न्यायपालिका की है।
लेकिन स्थगन हटने के बाद लोकमान्य नगर परिसर में लगाए गए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अभिनंदन बैनर, भाजपा नेताओं की “झूठे श्रेय लेने की प्रवृत्ति” को उजागर करते हैं।

 

गोपालदादा तिवारी ने मांग की कि, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले इन बैनरों के मामले में चुनाव आयोग तत्काल संबंधितों पर सख्त कार्रवाई करे।

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