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एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय में ‘युवक सप्ताह’ एवं खादी मार्च का आयोजन

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पुणे : एमआईटी आर्ट, डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी (एमआईटी एडीटी) विश्वविद्यालय, विश्वराजबाग, पुणे में राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 से 16 जनवरी 2026 की अवधि में ‘युवक सप्ताह 2026’ के अंतर्गत विविध शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इन गतिविधियों का आयोजन स्वामी विवेकानंद चेयर के अंतर्गत किया गया। वर्ष 2022 में स्थापित यह चेयर एमआईटी समूह के संस्थापक तथा एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड के आशीर्वाद से कार्यरत है और कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्र-कुलपति प्रो. डॉ. मंगेश कराड के मार्गदर्शन में संचालित होती है। इस पहल में स्कूल ऑफ होलिस्टिक डेवलपमेंट (एसएचडी), आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) तथा स्कूल ऑफ वैदिक साइंसेज़ का संयुक्त योगदान रहा।

युवक सप्ताह के अवसर पर निबंध लेखन, चित्रकला, पारंपरिक वेशभूषा तथा ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विश्वविद्यालय की विभिन्न शालाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों से विद्यार्थियों को परिचित कराना तथा उनमें रचनात्मकता, बौद्धिक जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करना था।

इस सप्ताह का प्रमुख आकर्षण खादी मार्च रहा, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मॅनेट भवन से एसएफटी भवन तक आयोजित किया गया। यह मार्च स्वामी विवेकानंद के सादगी, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रभक्ति के मूल्यों का प्रतीक था। मार्च में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारी शामिल हुए। मार्च के आरंभ अवसर पर कुलगुरु प्रो. डॉ. राजेश एस., परीक्षा नियंत्रक डॉ. ज्ञानदेव नीलवर्ण, प्रो. डॉ. नचिकेत ठाकूर, विभिन्न विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।


इन सभी गतिविधियों का संयोजन डॉ. अतुल पाटील द्वारा किया गया। युवक सप्ताह 2026 के सफल आयोजन के माध्यम से एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय ने समाजोन्मुख, मूल्याधारित एवं बौद्धिक रूप से सशक्त युवा पीढ़ी के निर्माण के अपने संकल्प को पुनः सुदृढ़ किया है। सप्ताहभर चले इन उपक्रमों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आज की युवा पीढ़ी तक पहुँचाकर उन्हें दैनिक जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया, ऐसा आयोजकों ने बताया।

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