कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने वहां उपलब्ध शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्तियों और विदेश में करियर की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पुणे के छात्रों में विदेशी शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से देखने को मिली। इस पहल से जीएस ग्लोबल अकादमी का वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ नेटवर्क और अधिक मजबूत हुआ है, जिससे छात्रों को सीधे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
जीएस ग्लोबल अकादमी के संस्थापक गणेश शिरसाठ ने कहा कि अकादमी विदेश अध्ययन के लिए समग्र मार्गदर्शन प्रदान करती है। यहां आईईएलटीएस, टोफेल, जीआरई, जीमैट, सैट और पीटीई जैसी अंतरराष्ट्रीय परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। इसके लिए अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, मॉक टेस्ट सुविधा, पुस्तकालय और अलग अध्ययन कक्ष उपलब्ध हैं। साथ ही जर्मन, फ्रेंच, जापानी सहित अन्य विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास और सॉफ्ट स्किल्स पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अनुभवी काउंसलर छात्रों को प्रवेश से लेकर वीजा, यात्रा और आवास व्यवस्था तक पूर्ण एवं व्यक्तिगत सहयोग प्रदान करते हैं।

