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वरिष्ठ पत्रकार पुष्कर महाजन का निधन, पुणे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

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पुणे:  पुणे की पत्रकारिता को निष्पक्षता, निर्भीकता और कर्मठता का मजबूत आधार देने वाले वरिष्ठ पत्रकार पुष्कर महाजन का शनिवार, 1 फरवरी की देर रात उपचार के दौरान दुखद निधन हो गया। वे 61 वर्ष के थे। उनके असामयिक निधन से न केवल उनके परिवार बल्कि संपूर्ण पुणे का पत्रकारिता जगत शोक में डूब गया है। पुष्कर महाजन के निधन से एक ऐसा दीपक बुझ गया, जिसने दशकों तक सच्ची और ईमानदार पत्रकारिता की रोशनी से समाज को प्रकाशित किया। वे अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र तथा माता-पिता का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
सोमवार को बैकुंठ स्मशानभूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर परिजनों और रिश्तेदारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पत्रकार साथी, समाजसेवी, बुद्धिजीवी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उपस्थित रहे। सभी की आंखें नम थीं और मन एक ऐसे पत्रकार के जाने के शोक से भारी था, जिसने जीवन भर सच्चाई के साथ कभी समझौता नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि पुष्कर महाजन ने करीब 30 से 35 वर्षों तक पुणे में पत्रकारिता की। इस लंबे कार्यकाल में उन्होंने कई प्रतिष्ठित मराठी समाचार पत्रों के साथ-साथ हिंदी अखबारों में भी अपनी निष्पक्ष लेखनी से पाठकों का विश्वास अर्जित किया। समाचारों के प्रति उनकी सजगता अद्भुत थी—सुबह से देर रात तक वे पुणे शहर, आसपास के क्षेत्रों ही नहीं, बल्कि देश-प्रदेश की गतिविधियों पर भी पैनी नजर बनाए रखते थे।उनकी लेखनी में साहस, ईमानदारी और सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से झलकते थे। वे सत्ता से सवाल करने वाले, लेकिन समाज के प्रति उत्तरदायी पत्रकार थे। यही कारण है कि वे सहकर्मियों और पाठकों के बीच समान रूप से सम्मानित थे।
पुष्कर महाजन के निधन से पुणे की पत्रकारिता ने एक कर्मठ, दूरदर्शी और मूल्यों से समझौता न करने वाला सिपाही खो दिया है। उनकी कमी को भर पाना आसान नहीं, शायद असंभव है।
उनकी स्मृतियां, उनके शब्द और उनके द्वारा स्थापित पत्रकारिता के मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दे।

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