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‘Hind-the-Chadar’: ‘हिंद-दी-चादर’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोग सहभाग ले   – चरणजीत सिंह साहनी

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पुणे: गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी समागम शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र शासन की ओर से 28 फरवरी व 1 मार्च 2026 को खारघर, नवी मुंबई में भव्य ‘हिंद-दी-चादर’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में सर्व समाज के नागरिकों से बड़ी संख्या में सहभागी होने का आह्वान राज्यस्तरीय समन्वय समिति के अशासकीय सदस्य तथा कॅम्प गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार के अध्यक्ष चरणजीत सिंह साहनी ने किया है।

चरणजीत सिंह साहनी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी का बलिदान संपूर्ण मानवता के धार्मिक स्वतंत्रता और सत्य की रक्षा के लिए था। उनके शौर्य और त्याग की भावना आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि इस पावन अवसर पर सिख, सिकलीगर, लबाना, बंजारा, मोहयाल, सिंधी और गुरु नानक नाम लेवा संगत-समुदाय एकजुट होकर शहीदी समागम मना रहे हैं। इन सभी समुदायों का गुरु साहिब से ऐतिहासिक संबंध रहा है, जिन्होंने सदियों से एकता, साहस और मानवता का संदेश दिया.

अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया  श्री गुरु तेग बहादुर साहेब के त्याग, शौर्य व मानवता का संदेश समाज तक पहुंचाने के लिए  गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार की ओर से आयोजित सहज पाठ में 386 नागरिकों ने सहभाग किया, जिन्हें प्रमाणपत्र और चांदी के सिक्के प्रदान किए गए। इसके साथ ही ‘सफर-ए-शहादत’ के तहत 17 किलोमीटर की दोपहिया रैली का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 500 नागरिक शामिल हुए। गुरु साहिब के इतिहास और शहादत की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक लाख से अधिक पंपलेट का वितरण भी किया गया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा इससे पहले  नागपुर और नांदेड में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनमें लाखों श्रद्धालुओं ने सहभाग हुए थे । इस बार  खारघर, नवी मुंबई में होगी , इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि आगंतुकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। साहनी ने अपील की कि अधिक से अधिक नागरिक इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सहभागी होकर संगत का लाभ प्राप्त करें और गुरु साहिब के संदेश को अपने जीवन में अपनाएं।

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