पुणे ; आज एरंडवणे स्थित पटवर्धन बाग के टैंकर पॉइंट का निरीक्षण करने पर पाया गया की वहां लगा पानी का मीटर 16 दिसंबर 2025 से बंद है। इस स्थान से पुणे महानगरपालिका द्वारा नागरिकों को “मुफ्त पानी” टैंकरों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, जिसके लिए एक ठेकेदार भी नियुक्त किया गया है। जबकि इसी स्थान से विभिन्न क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति लगातार जारी है। पुणे महानगरपालिका (PMC) की मुफ्त पानी टैंकर व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में क्रिएटिव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम से मांग की है कि शहर के सभी टैंकर पॉइंट्स का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, बंद पड़े मीटरों को जल्द चालू किया जाए और पानी वितरण के बाद संबंधित नागरिकों के हस्ताक्षर अनिवार्य किए जाएं। साथ ही, टैंकर भेजने के कारण, आदेश और मांग का स्पष्ट रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था भी लागू की जाए।
संदीप खर्डेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस टैंकर पॉइंट से प्रभाग क्रमांक 10, 11, 29, 30, 31, 32 और 33 जैसे बड़े क्षेत्रों में पानी सप्लाई किया जाता है। ऐसे में मीटर बंद होने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि कितनी मात्रा में पानी भरा गया और कितने टैंकरों के जरिए वितरण किया गया।
खर्डेकर ने यह भी बताया कि कुछ वर्ष पहले भी इसी तरह की अनियमितता सामने आई थी, जब गुप्त रूप से की गई रिकॉर्डिंग में रजिस्टर में 18 टैंकरों की एंट्री दर्ज थी, जबकि वास्तव में करीब 50 टैंकर भरे गए थे। इस घटना के बाद सभी टैंकर पॉइंट्स पर मीटर लगाने का निर्णय लिया गया था। बावजूद इसके, अब मीटर का बंद होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि पानी प्राप्त करने वाली सोसायटी या बस्तियों के जिम्मेदार प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर रजिस्टर या चालान पर नहीं लिए जा रहे हैं। इस वजह से वितरण प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर और अधिक संदेह पैदा हो रहा है।

