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पार्टी एकजुटता नहीं तो तेजी से होगा पार्टी का विस्तार : राज्य मंत्री रामदास आठवले

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पुणे:  रिपब्लिकन पार्टी  के सभी गुटों और आंबेडकरवादी संगठनों को एकजुट करने की आवश्यकता है. आंबेडकरी समाज लंबे समय से एकता की उम्मीद लगाए बैठा है।  इसके लिए कई बार प्रयास भी किए गए हैं, लेकिन यदि पार्टी एकजुटता नहीं तो, पार्टी के तेज़ विस्तार को ही प्राथमिक लक्ष्य बनाया जाएगा। यह प्रतिपादन  केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने की। उन्होंने यह बात पुणे में आयोजित एक पत्रकार परिषद में कही।

इस मौके पर शहराध्यक्ष संजय सोनवणे, उपमहापौर परशुराम वाडेकर, मातंग आघाड़ी के प्रदेश अध्यक्ष अण्णा वायदंडे, मोहन जगताप, शाम सदाफुले, बसवराज गायकवाड, शशिकला वाघमारे, प्रवीण ओव्हाळ, विशाल शेळके, राजेश गाडे, ऋषिकेश गवळी, संजय खडसे, सुनिल जाधव और सुधीर वाघमोडे सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आठवले ने कहा कि आंबेडकरी समाज लंबे समय से विभिन्न गुटों के एक मंच पर आने की अपेक्षा कर रहा है और इसके लिए कई बार प्रयास भी किए गए हैं। हालांकि, यदि यह प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो संगठन को मजबूत करने और देशभर में विस्तार करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया का उद्देश्य सभी समाज घटकों को साथ जोड़ना है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि छत्रपति संभाजीनगर के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश अण्णा मुळे ने पार्टी में प्रवेश किया है और उन्हें मराठा आघाड़ी का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके माध्यम से मराठा और दलित समाज के बीच समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए आठवले ने कहा कि संविधान के कारण देश में एकता बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद कुछ स्थानों पर दलितों पर अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक सामाजिक परिवर्तन के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा।

महाराष्ट्र में पार्टी को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व न मिलने पर उन्होंने नाराज़गी जताई। उन्होंने विधान परिषद में एक सीट, दो महामंडलों के अध्यक्ष पद और विभिन्न बोर्डों में 50 सदस्यों की नियुक्ति की मांग की।

इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार से पुणे के अंबेडकर भवन के पीछे की जमीन स्मारक के लिए देने और Bhima Koregaon Vijay Stambh के पास विजय स्मारक के लिए 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों द्वारा भूमि का निरीक्षण किया जा चुका है और किसानों को उचित मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहित की जानी चाहिए।

14 अक्टूबर, धम्मचक्र दिवस के अवसर पर सातारा से सामाजिक समरसता मार्च निकाला जाएगा

आठवले ने यह भी बताया कि 14 अक्टूबर, धम्मचक्र दिवस के अवसर पर सातारा से सामाजिक समरसता मार्च निकाला जाएगा, जो पूरे महाराष्ट्र से होते हुए पुणे में समाप्त होगा। इसके अलावा चवदार तालाब के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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