पुणे : आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए पुणे महापालिका क्षेत्र में जल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए आज महापौर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक संपन्न हुई । बैठक में महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 मई तक पानी कटौती पूरी तरह रद्द की जाए। इसके साथ ही बैठक में शहर के मौजूदा जल भंडार, जल शुद्धिकरण व्यवस्था, वितरण प्रणाली तथा संभावित जल संकट से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। पुणे शहर को पानशेत बांध, वरसगांव बांध, टेमघर बांध और खड़कवासला बांध से जल आपूर्ति होती है, जिनके वर्तमान जलस्तर की समीक्षा की गई।
भारतीय मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस वर्ष वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को अग्रिम योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पर्वती जलकेंद्र प्रयोगशाला में हर महीने कई नमूनों की जांच की जा रही है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और CPHEEO के मानकों के अनुसार है। मानसून के दौरान जल शुद्धिकरण केंद्रों में क्लोरीनेशन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है और PAC व क्लोरीन जैसे रसायनों का पर्याप्त भंडार रखा गया है।
शहर के 17 जल शुद्धिकरण संयंत्रों की मरम्मत, क्लैरिफायर और फिल्टर बेड की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। मानसून में पानी की गंदगी बढ़ने की संभावना को देखते हुए शुद्धिकरण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के उपाय किए जा रहे हैं। समान जल आपूर्ति योजना के तहत पुराने शहर के साथ-साथ नए शामिल गांवों में भी बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है, जिसमें जल शुद्धिकरण केंद्र, पंपिंग स्टेशन, पानी की टंकियां और वितरण लाइनें शामिल हैं।
जल आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए AI आधारित लीक डिटेक्शन, रोबोटिक कैमरा जांच, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम और मोबाइल ऐप जैसे आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
कनिष्ठ अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों और मीटर रीडर्स के रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश
इस बैठक में कनिष्ठ अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों और मीटर रीडर्स के रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश भी दिए गए। महापौर ने प्रशासन को निर्देशित किया कि 31 मई तक पानी कटौती रद्द रखते हुए नागरिकों को निरंतर, स्वच्छ और पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने और मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ठोस और योजनाबद्ध कदम उठाने पर जोर दिया गया।

