पुणे, 11 मई : वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की शक्ति का उपयोग करने की थीम पर आधारित राष्ट्रीय स्तर की ‘इग्नीसिया-2026’ हॅकेथॉन प्रतियोगिता का आयोजन हाल ही में किया गया। प्रतियोगिता में फिनटेक समस्याओं के अभिनव समाधान प्रस्तुत करने वाली मुंबई की ‘ब्रॉन जीपी’ टीम ने विजेता का खिताब हासिल किया, जबकि एमआईटी डब्ल्यूपीयू की ‘बियॉन्ड बिट्स’ टीम उपविजेता रही। कर्नाटक के मणिपाल यूनिवर्सिटी की ‘ट्रायस्टॅक ओव्हरफ्लो’ टीम ने द्वितीय उपविजेता स्थान प्राप्त किया। इन दोनों टीमों ने एसएमईओ2 चुनौती में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
‘थिंक, क्रिएट एंड इवॉल्व’ के उद्देश्य के साथ एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास विभाग तथा कंप्यूटर इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इस राष्ट्रीय स्तर की हॅकेथॉन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में विशेष प्रशंसा पुरस्कार नागपुर के वायसीसीई की ‘लास्ट मिनिट चूस’ टीम तथा पुणे के डीईएस विश्वविद्यालय की ‘माइंड फ्रॉग’ टीम को प्रदान किया गया। इन टीमों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और एसएमई क्षेत्र की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने के लिए सम्मानित किया गया।
इस प्रतियोगिता में पुणे, मुंबई सहित तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, गुजरात और तेलंगाना राज्यों की टीमों ने भाग लिया। देशभर के प्रतिभाशाली छात्र शोधकर्ताओं ने सीमित समय में वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित तकनीकी मॉडल विकसित किए।
प्रतियोगिता के लिए 18 घंटे पहले समस्या विवरण घोषित किए गए थे और प्रतिभागी टीमों को एआई आधारित समाधान तैयार करना अनिवार्य था। इसमें स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, फिनटेक, शाश्वत विकास, स्मार्ट सिटी समाधान तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए उपयोगी तकनीकी साधनों से जुड़े विषय शामिल थे। प्रतियोगिता का मूल्यांकन नवाचार, तकनीकी गहराई, व्यावहारिक उपयोगिता तथा प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया गया।
कार्यक्रम में उद्योग जगत के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ उपस्थित रहे। वरिष्ठ निदेशक स्वाती सादिनेनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं, जबकि संजय पटवर्धन, अनीश नाथानी और सारंग कमलाकर सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अधिष्ठाता डॉ. सिद्धार्थ चक्रवर्ती, कंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के कार्यक्रम संचालक डॉ. बी. एम. पाटील, पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास विभाग की कार्यक्रम संचालिका डॉ. रोहिणी काळे, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ज्योती मांटे, डॉ. शर्मिष्ठा देसाई तथा विद्यार्थी समन्वयक विवान माथूर उपस्थित थे।

