पुणे : शहर के प्रसिद्ध पु. ल. देशपांडे उद्यान के बाहर बढ़ती अतिक्रमण की समस्या और भीषण ट्रैफिक जाम को लेकर क्रिएटिव्ह फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने पुणे मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम को पत्र लिखकर त्वरित और स्थायी उपाययोजना करने की मांग की है।
संदीप खर्डेकर ने अपने पत्र में बताया कि हाल ही में उन्होंने पु. ल. देशपांडे उद्यान का दौरा किया, जहां हजारों नागरिकों और बच्चों की भारी भीड़ देखने को मिली। मात्र पांच रुपये प्रवेश शुल्क और वाहन पार्किंग शुल्क के बावजूद उद्यान में प्रवेश के लिए लंबी कतारें लगी थीं। पुणेकरों की पसंद बने इस उद्यान में नागरिक बड़ी संख्या में परिवार सहित पहुंच रहे हैं, लेकिन बाहर की अव्यवस्था लोगों के आनंद में बाधा बन रही है।
उन्होंने कहा कि उद्यान में आने-जाने के लिए केवल एक ही प्रवेशद्वार होने से सिंहगड रोड पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। खासकर मुख्य गेट के बाहर सड़क पर खड़ी अनधिकृत हाथगाड़ियां, फेरीवाले और पथारी व्यवसाय करने वालों के कारण नागरिकों की आवाजाही बाधित हो रही है। भेळ, पानीपुरी, फुगे और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेता सड़क पर ही दुकानें लगाते हैं, जिससे वाहनों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में उद्यान अधीक्षक अशोक घोरपडे, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों से चर्चा की गई। अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि कई बार कार्रवाई के बावजूद स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ है।
क्रिएटिव्ह फाउंडेशन की ओर से सुझाव दिया गया है कि इन खाद्य विक्रेताओं के लिए उद्यान परिसर के भीतर अथवा पदपथ के किनारे नियोजित स्थान उपलब्ध कराया जाए, जैसा कि छत्रपती संभाजी महाराज उद्यान में किया गया है। इससे नागरिकों को सुविधा मिलेगी और छोटे व्यवसायियों की आजीविका भी प्रभावित नहीं होगी।
इसके अलावा उद्यान में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए जाने की मांग भी की गई है, ताकि भीड़ और ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। उद्यान के सामने स्थित सिग्नल पर नियम तोड़कर यू-टर्न लेने वाले और सिग्नल तोड़ने वाले वाहन चालक भी जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं। इस विषय पर ट्रैफिक पुलिस और मनपा प्रशासन द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर ठोस समाधान निकालने की मांग की गई है।
संदीप खर्डेकर ने “कलाग्राम” परियोजना को भी नियमित रूप से नागरिकों के लिए खुला रखने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान यदि इसे आम लोगों के लिए खोला जाए तो नागरिकों को एक अतिरिक्त सांस्कृतिक और पर्यटन अनुभव मिल सकेगा।
रविवार को उद्यान में अत्यधिक भीड़ उमड़ने की संभावना जताते हुए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से शाम के समय मौके पर पहुंचकर प्रत्यक्ष निरीक्षण करने और दीर्घकालीन योजना तैयार करने की अपील की है।

