मुंबई, 21 मई : महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में देश का पहला अंडरवॉटर म्यूज़ियम तैयार किया जा रहा है। महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (MTDC) द्वारा निवती रॉक क्षेत्र में भारतीय नौसेना की सेवानिवृत्त युद्धपोत ‘एक्स-आईएनएस गुलदार’ को समुद्र की गहराई में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए महाराष्ट्र को वैश्विक समुद्री पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने जा रही है। यह जानकारी पर्यटन मंत्री Shambhuraj Desai ने दी।
मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि यह भारत का पहला ऐसा एकीकृत समुद्री पर्यटन प्रोजेक्ट होगा, जिसमें पर्यटकों को सबमरीन और स्कूबा डाइविंग के जरिए समुद्र के भीतर रोमांचक अनुभव मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत गाइडेड व्रेक डाइविंग, डिस्कवर स्कूबा डाइविंग (12 मीटर तक), प्रमाणित डाइवर्स के लिए 18 मीटर तक विशेष अभियान, एडवांस डाइविंग (30 मीटर तक), अंडरवॉटर फोटोग्राफी और समुद्री शिक्षा व रिसर्च जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के मार्गदर्शन में इस परियोजना को गति मिली है। केंद्र सरकार की “SASCI” योजना के अंतर्गत विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 46.91 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र सरकार ने 112.46 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। ‘एक्स-आईएनएस गुलदार’ भारतीय नौसेना की “मगर” श्रेणी की युद्धनौका रही है, जिसने करीब 39 वर्षों तक देश की सेवा की। 12 जनवरी 2024 को इसे नौसेना से सेवानिवृत्त किया गया था। लगभग 83.9 मीटर लंबी यह युद्धनौका सैनिकों और रसद परिवहन, तटीय सुरक्षा तथा नौसैनिक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।
19 मई 2026 को इस जहाज को सिंधुदुर्ग तट के निवती रॉक क्षेत्र में करीब 22 मीटर गहराई में समुद्र तल पर स्थापित किया गया। विशेषज्ञों के वैज्ञानिक अध्ययन के बाद इस स्थान का चयन किया गया, जहां पर्यावरण पर किसी भी प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव की संभावना नहीं पाई गई।
पर्यावरणीय सफाई के बाद समुद्र में उतारी गई यह विशाल युद्धनौका अब कृत्रिम प्रवाल भित्ति (Artificial Coral Reef) का काम करेगी, जिससे समुद्री जैव विविधता, प्रवाल वृद्धि और मत्स्य संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना के तहत पर्यटक स्पीडबोट के जरिए निवती रॉक पहुंचेंगे और वहां से पनडुब्बी या स्कूबा डाइविंग के माध्यम से समुद्र के भीतर जहाज, रंग-बिरंगी मछलियां और प्रवाल संरचनाओं का अद्भुत नजारा देख सकेंगे।

