पुणे। टिंगरेनगर स्थित तिरुपति गार्डन में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को राम-सीता विवाह उत्सव अत्यंत भव्य, श्रद्धामय और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान भरतराज सूरजभानजी गोयल एवं प्रीतम भरतराजजी गोयल की पावन उपस्थिति में भगवान श्रीराम और माता सीता का दिव्य विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।
इस मौके पर बैंड-बाजों, ढोल-ताशों और “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयघोषों के बीच भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ बारात में शामिल हुए। महिलाएं मंगलगीत गाती नजर आईं, वहीं युवा और बच्चे भगवा ध्वज लहराते हुए भक्ति रस में झूमते दिखाई दिए। पूरा परिसर राममय वातावरण से गूंज उठा।
कथा व्यास पंडित देवेंद्र शास्त्री जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्रीराम एवं माता सीता का विवाह संपन्न कराया। मंच को अयोध्या और मिथिला की झलक के अनुरूप आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

इस पावन अवसर पर महाभंडारा सेवा एवं 108 ब्राह्मण भोज का आयोजन भी किया गया। इसकी सेवा श्री सतपाल आसाराम अग्रवाल परिवार द्वारा श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई गई। 108 ब्राह्मणों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जो सनातन संस्कृति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण बना। श्रद्धालुओं ने तन-मन-धन से सेवा करते हुए ब्राह्मणों का सत्कार किया।
कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों ने कहा कि ऐसा दिव्य और भव्य राम-सीता विवाह उत्सव लंबे समय बाद देखने को मिला। आयोजन ने सभी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और भक्ति से जोड़ने का कार्य किया।अंत में महाआरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस कार्यकम को सफल बनाने में अगरवाल समाज ट्रस्ट, विश्रांतवाड़ी के संस्थापक श्री राजेश प्रेमचंद अग्रवाल सहित विशाल गोयल, नितिन गुप्ता, राजेश गर्ग, सुभाष अग्रवाल, सत्यनारायण गोयल, योगेश गोयल, सुरेश अग्रवाल, डॉ. विनोद गर्ग, सुनीता मित्तल, डॉ. श्वेता गर्ग, स्मिता गर्ग, मंजू अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, दीपा अग्रवाल, कीर्ति अग्रवाल एवं अन्य सदस्यों ने सक्रिय योगदान और श्रमदान दिया।