मुंबई । महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश और राज्य पर वर्ष 2014 की तुलना में चार गुना कर्ज बढ़ चुका है, फिर भी सरकार जीडीपी में तीन गुना वृद्धि का दावा कर रही है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री इस संबंध में पत्रकार परिषद लेकर तथ्य सार्वजनिक करें।तिवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावे वास्तविकता से दूर और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बढ़ती महंगाई, तेल एवं गैस संकट तथा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक दबावों से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यदि दावोस और अन्य माध्यमों से बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश राज्य में आया है, तो महायुति सरकार को इसकी वास्तविक जानकारी सार्वजनिक करते हुए श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। कांग्रेस ने इस विषय पर कई बार मांग की, लेकिन सरकार अब तक स्पष्ट आंकड़े सामने नहीं ला सकी है।गोपालदादा तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य की आर्थिक प्रगति, विदेशी निवेश और रोजगार निर्माण से संबंधित वास्तविक आंकड़े पत्रकार परिषद के माध्यम से जनता के सामने रखने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार के दावे सही हैं, तो वह खुलकर तथ्य रखने से क्यों बच रही है।उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पूर्व कार्यकारी निदेशक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य सुरजीत भल्ला ने हाल ही में देश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। तिवारी के अनुसार, सुरजीत भल्ला ने एक अंग्रेजी समाचार माध्यम में प्रकाशित लेख और एक टेलीविजन साक्षात्कार में भारत की आर्थिक प्रगति के दावों पर चिंता व्यक्त की है, लेकिन भाजपा सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिवाद सामने नहीं आया है।उन्होंने यह भी कहा कि नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगड़िया तथा सुरजीत भल्ला जैसे अर्थशास्त्रियों ने भारत को “दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था” बताए जाने वाले दावों पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रस्तुत आर्थिक तस्वीर वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में भारत बांग्लादेश और इथियोपिया जैसे देशों से भी पीछे है, जो चिंताजनक स्थिति है।कांग्रेस ने दावा किया कि अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में नौवें स्थान के आसपास है, जबकि भाजपा नेता इसे पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। तिवारी ने कहा कि सरकार को अपने दावों के समर्थन में तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

