पुणे: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री Ramdas Athawale ने कहा है कि देशभर में खुलेआम बिकने वाली हाथभट्टी (कच्ची) शराब बेहद खतरनाक है और इसे हमेशा के लिए खत्म करने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली एवं रसायनयुक्त शराब पीने से 22 लोगों की मौत के बाद आठवले ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये तथा स्थानीय निकाय की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। परिजनों ने मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी की है, जिस पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई है।
आज हुई पत्रकारों से बातचीत में आठवले ने कहा कि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण वैश्विक आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी वजह से ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई, जिसका असर महंगाई के रूप में आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ईंधन की कीमतों में कमी आएगी और महंगाई पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi को “महंगाई मैन” बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि मोदी देश के विकास और प्रगति के प्रतीक हैं।
अनुसूचित जाति उप-वर्गीकरण पर रखी राय
अनुसूचित जातियों के उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि विभिन्न समुदायों की अलग-अलग राय है। उन्होंने सुझाव दिया कि वर्ष 2027 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर अनुसूचित जातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।
मराठा आरक्षण पर क्या कहा?
आठवले ने मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता Manoj Jarange Patil द्वारा अनशन वापस लेने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मराठा समाज को आरक्षण दिलाने के पक्ष में है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मराठा समुदाय के लोगों के पास कुनबी प्रमाणित रिकॉर्ड हैं, उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी से आरक्षण देने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन पूरे मराठा समाज को एक साथ ओबीसी आरक्षण देने का प्रयास न्यायिक जांच में टिक नहीं पाएगा।
आरपीआई को सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व मिले
अपनी पार्टी Republican Party of India (आरपीआई) के बारे में बोलते हुए आठवले ने कहा कि पार्टी महायुति की सहयोगी है और उसे सत्ता में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में होने वाले विधान परिषद चुनावों में आरपीआई को प्रतिनिधित्व मिलेगा। साथ ही उन्होंने पार्टी को सरकारी महामंडलों में भी उचित स्थान देने की मांग दोहराई।

