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एक पक्षीय और निराधार खबरों को प्रसारित करना बना फैसन, खबरों की गहराई तक जाने की जहमत अब नहीं उठाते कुछ कथित पत्रकार

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पुलिस ने की कार्यवाही तो लगी मिर्ची, सच छुपाने की हुई सोशल मीडिया पर कोशिश, पुलिस को किया गया बदनाम

डॉ अंशुमान ( सिंह अयोध्या) आज सुबह से मोबाइल चोरी से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर चल रही थी जिसका विवरण इस प्रकार है- “एक व्यक्ति को खोया हुआ मोबाइल मिला था,जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। परिवार का आरोप है कि पुलिस युवक पर 17 अन्य मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगाकर 80,000/- रुपए की माँग कर रही है” के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि थाना बाबा बाजार में पंजीकृत मु0अ0स0 106/2026 धारा 303(2) bns में प्रकाश में(बरामदगी के आधार पर)आए अभियुक्त फयाराम पुत्र श्यामलाल निवासी बढ़ई मिश्र का पुरवा मजरे सैदपुर थाना बाबा बाजार जनपद अयोध्या को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।
संक्षिप्त विवरण
आज दिनांक 01.06.2026 को समय करीब 03.10 बजे मोबाइल ट्रैसबिलिटी के आधार पर अभियुक्त फयाराम पुत्र श्यामलाल निवासी बढ़ई मिश्र का पुरवा मजरे सैदपुर थाना बाबा बाजार जनपद अयोध्या के कब्जे से मुकदमा उपरोक्त से संबंधित चोरी किए गए एक मोबाइल बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय भेजा जा रहा है। मुकदमा उपरोक्त के वादी द्वारा बच्चों द्वारा मोबाइल चोरी की संभावना जाहिर करने के उपरांत अभियुक्त उपरोक्त के बच्चों को उनकी मां सावित्री व भाई शिवा के मौजूदगी में उनके सामने पूछताछ हेतु चौकी सैदपुर पर बुलाया गया था। परिजन के समक्ष ही चोरी गए मोबाइल के संबंध में पूछताछ कर दोनों बच्चों कन्हैयालाल व करन पुत्रगण फ़याराम को उनकी मां सावित्री व भाई शिवा को सकुशल सुपुर्द कर रुकसत किया गया है। चोरी की मोबाइल अभियुक्त फ़याराम के कब्जे से बरामदगी के उपरांत मात्र पेशबंदी में अभियुक्त के परिजन द्वारा वीडीओ बनाकर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
उक्त अभियोग की प्रथम सूचना रिपोर्ट में 08 मोबाइल चोरी होने की घटना हुई थी उसी में से एक मोबाईल अभियुक्त के कब्जे से बरामद हुआ है।सच क्या है इस संबंध में कुछ तथाकथित पत्रकार गहराई तक जाने की कोशिश नहीं करते और एकपक्षीय समाचार बनाकर दौडाने लगते हैं जिससे एक आरोपी और दोषी को बचाने मात्र का काम किया जाता है, जो कि समाज और देश हित में नहीं है लेकिन आजकल लोगों को सच्चाई से नहीं केवल मतलब से मतलब रहने लगा है।

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