पुणे: भारत की आधुनिक पूंजी बाजार व्यवस्था और वित्तीय तंत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान को सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन संचालित सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स द्वारा ‘सूर्यदत्त ग्लोबल अवॉर्ड – द फादर ऑफ मॉडर्न फाइनेंशियल डेरिवेटिव्स इन इंडिया’ से सम्मानित किया गया।
मुंबई स्थित एनएसई मुख्यालय में आयोजित समारोह में सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया तथा उपाध्यक्ष एवं सचिव सुषमा चोरड़िया ने आशीष चौहान को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की सलाहकार मंडल सदस्य एडवोकेट गीता कस्तूरी, निर्माता डॉ. मयूर शाह, प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर संदेश नवलखा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया ने कहा कि भारत में निवेश संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने और लाखों निवेशकों को सशक्त बनाने में आशीष चौहान का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि चौहान वित्तीय बाजारों में नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, निवेशक जागरूकता और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। इससे पहले वे बीएसई लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी सफलतापूर्वक नेतृत्व कर चुके हैं और संस्था के आधुनिकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
भारत में आधुनिक वित्तीय डेरिवेटिव्स बाजार के प्रमुख शिल्पकार के रूप में पहचाने जाने वाले आशीष चौहान ने देश के पूंजी बाजार को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और आम निवेशकों के लिए सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी दूरदृष्टि के कारण भारत की वित्तीय व्यवस्था अधिक मजबूत हुई है और निवेशकों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आईआईटी बॉम्बे और आईआईएम कोलकाता के पूर्व छात्र आशीष चौहान 1990 के दशक में स्थापित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। उनके नेतृत्व और तकनीकी दृष्टिकोण के कारण भारत की पहली पूर्णतः स्वचालित और स्क्रीन आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्रणाली विकसित हुई। इस प्रणाली ने भारतीय शेयर बाजार में पारदर्शिता, दक्षता, सुलभता और विश्वसनीयता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
भारत में इक्विटी डेरिवेटिव्स और अत्याधुनिक जोखिम प्रबंधन प्रणालियों के विकास में भी चौहान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके प्रयासों से भारतीय डेरिवेटिव्स बाजार को वैश्विक पहचान मिली और भारत दुनिया के प्रमुख डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग केंद्रों में शामिल हुआ। इन पहलों ने बाजार की तरलता बढ़ाने, निवेशकों का विश्वास मजबूत करने और वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

