पुणे : श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘जय गणेश विद्यार्थी पालकत्व योजना’ विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि उनके जीवन को सही दिशा देने वाली पहल है। इस योजना से लाभान्वित हुए पूर्व विद्यार्थियों ने कहा कि यह योजना एक प्रकार से आदर्श व्यक्तित्व निर्माण करने वाली पाठशाला है, जो विद्यार्थियों को सफल और संस्कारित नागरिक बनने की प्रेरणा देती है।
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में ‘जय गणेश ज्ञानवर्धन अभियान’ के अंतर्गत दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में सफल विद्यार्थियों के सम्मान तथा शैक्षणिक सामग्री वितरण समारोह का आयोजन लेडी रमाबाई हॉल में किया गया।
कार्यक्रम में एमकेसीएल के कॉर्पोरेट मैनेजमेंट प्रमुख उदय पंचपोर, ढोले पाटील एज्युकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सागर ढोले पाटील, ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी, सहसचिव अमोल केदारी, उत्सव प्रमुख अक्षय गोडसे, सुवर्णयुग तरुण मंडल के अध्यक्ष प्रकाश चव्हाण सहित अनेक पदाधिकारी, शिक्षण विशेषज्ञ और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इस अवसर पर योजना के पूर्व विद्यार्थी सीए गौरी खटावकर, फार्मासिस्ट अनिरुद्ध दोरगे और बी.टेक. स्नातक सिद्धार्थ दहिभाते ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी।
अनिरुद्ध दोरगे ने कहा कि वह दूसरी कक्षा से इस योजना से जुड़े हैं। ट्रस्ट ने केवल उन्हें शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी दी। उन्होंने कहा कि वह जीवनभर ट्रस्ट के प्रति कृतज्ञ रहेंगे।
सीए गौरी खटावकर ने कहा कि ट्रस्ट से उन्हें केवल शैक्षणिक सहायता ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग भी मिला। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने परिवार की तरह उनका साथ दिया और चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भविष्य में अन्य विद्यार्थियों को भी इसी तरह आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
सिद्धार्थ दहिभाते ने कहा कि दगडूशेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट ने उनके सपनों को मजबूती प्रदान की। उनके अनुसार यह केवल एक ट्रस्ट नहीं, बल्कि एक कल्पवृक्ष है, जो आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को संरक्षण देकर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का अवसर देता है।
कार्यक्रम में उदय पंचपोर ने कहा कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षा जीवन का केवल एक पड़ाव है। वास्तविक सफलता के लिए व्यक्ति का चरित्र, संस्कार और मानवीय मूल्य अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि जय गणेश पालकत्व योजना विद्यार्थियों में इन्हीं मूल्यों का विकास करती है।
सागर ढोले पाटील ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें इस योजना से प्राप्त शिक्षा और सहयोग को कभी नहीं भूलना चाहिए। यदि वे कृतज्ञता की भावना के साथ जीवन में आगे बढ़ेंगे, तो वे केवल अपने करियर में ही नहीं बल्कि एक संस्कारित और आदर्श नागरिक के रूप में भी सफल होंगे।

