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नदी किनारे अतिक्रमण : घोड़ा गाड़ियों और तबेलों पर कार्रवाई की मांग

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पुणे: बाबा भिडे पुल से राजपूत ईंट भट्टी तक नदीपात्र के रास्ते पर बड़ी संख्या में अवैध विक्रेताओं ने दुकानें लगा रखी हैं। नागरिकों द्वारा समय-समय पर शिकायतें किए जाने के बावजूद केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है,परन्तु कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
इस संदर्भ में सामाजिक संगठन क्रिएटिव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवलकिशोर राम को पत्र लिखकर नदीपात्र क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण, अवैध विक्रेताओं और घोड़ा गाड़ियों के तबेलों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
खर्डेकर ने पत्र में आरोप लगाया कि बाबा भिडे पुल के समीप स्थित खाद्य चौपाटी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 20 घोड़ा गाड़ियां खड़ी रहती हैं। वहीं पुल के नीचे तबेले जैसी स्थिति बन गई है, जहां घोड़ों को बांधा जाता है और आसपास गंदगी फैली हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकार की गतिविधियों के लिए मनपा प्रशासन की कोई अधिकृत अनुमति नहीं होगी।
पत्र में कहा गया है कि पुणेकर वर्षों से इस समस्या को सहन कर रहे हैं और इसे सामान्य मानने लगे हैं, लेकिन अतिक्रमण के मुद्दे पर नागरिकों की भावनाएं बेहद संवेदनशील हैं। प्रशासन को यह समझना चाहिए कि नागरिकों की चुप्पी स्थायी नहीं है और यह किसी बड़े जनआक्रोश से पहले की शांति भी हो सकती है।
क्रिएटिव फाउंडेशन ने मनपा प्रशासन से नदीपात्र क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण, अवैध व्यवसाय, घोड़ा गाड़ियों की अवैध पार्किंग और तबेलों के खिलाफ ठोस एवं स्थायी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि केवल दिखावटी कार्रवाई के बजाय समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।

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