पुणे। अधिक ज्येष्ठ मास के पावन अवसर पर ग्रंथ पारायण दिंडी, पुणे और गीताधर्म मंडल, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार मराठी भाषा में भव्य ‘गोकथा’ का आयोजन किया जा रहा है। गोमाता के माहात्म्य, गोसेवा और गोदान के महत्व को समर्पित यह विशेष प्रवचनमाला 14 से 17 जून 2026 तक प्रतिदिन शाम 5.30 बजे सदाशिव पेठ स्थित गीताधर्म मंडल में आयोजित होगी।
ग्रंथ पारायण दिंडी के वीरेंद्र कुंटे ने बताया कि इस गोकथा का निरूपण प्रख्यात प्रवचनकार ह.भ.प. परेशबुवा देवळणकर करेंगे। भारतीय संस्कृति में गोमाता को अत्यंत पूजनीय माना जाता है और इसी विषय को केंद्र में रखकर धार्मिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक दृष्टिकोण से गोमाता के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा।
अधिक ज्येष्ठ मास के पुण्यकाल में आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धालुओं को गोभक्ति, धर्मभक्ति और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्राप्त होगी। साथ ही गोसंवर्धन, गोसेवा और गोदान के महत्व को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विस्तार से समझाया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ 14 जून को शाम 5 बजे गोमाता पूजन के साथ होगा, जिसके बाद गोकथा का प्रथम सत्र आयोजित किया जाएगा। “गावो विश्वस्य मातरः” की वैदिक अवधारणा पर आधारित इस आध्यात्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं से परिवार और मित्रों सहित सहभागी होकर ज्ञानयज्ञ का लाभ लेने का आग्रह किया गया है।
पहली बार मराठी में भव्य ‘गोकथा’ का आयोजन, 14 से 17 जून तक पुणे में होगा आध्यात्मिक कार्यक्रम

