मुंबई : मध्य रेल का रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) न केवल रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे सतर्क रहते है, बल्कि मानव जीवन की रक्षा में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। “ऑपरेशन जीवन रक्षा” के अंतर्गत आरपीएफ लगातार उन यात्रियों की जान बचाने का कार्य कर रहा है, जो चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के दौरान दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत मध्य रेल आरपीएफ ने दो यात्रियों की जान बचाईं।
नासिक रोड स्टेशन पर यात्री को बचाया
पहली घटना 12 मई 2026 को नासिक रोड रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ पोस्ट के कांस्टेबल गौतम बिरहाड़े ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान ट्रेन संख्या 01027 दादर-गोरखपुर स्पेशल से यात्रा कर रहा एक यात्री सामान खरीदने के लिए स्टेशन पर उतर गया। ट्रेन चलने लगी तो घबराहट में उसने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वह फिसल गया और ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच गिरने की स्थिति में पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कांस्टेबल गौतम बिरहाड़े तत्काल मौके पर पहुंचे और अपनी जान की परवाह किए बिना यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्होंने तुरंत गार्ड को संकेत देकर ट्रेन रुकवाई तथा सुनिश्चित किया कि यात्री सुरक्षित रूप से दोबारा ट्रेन में सवार हो सके। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
वर्धा स्टेशन पर गर्भवती महिला की जान बचाई
31 मई 2026 को वर्धा रेलवे स्टेशन पर महिला प्रधान आरक्षक कल्पना जाधव प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात थीं। दोपहर करीब 12:20 बजे ट्रेन संख्या 12655 नवजीवन एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 1 से रवाना हो चुकी थी। इसी दौरान गर्भवती महिला यात्री सुश्री जीवा लक्ष्मणन चलती ट्रेन के कोच एम/2 में चढ़ने का प्रयास कर रही थीं। अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गंभीर दुर्घटना की चपेट में आने वाली थीं। स्थिति को भांपते हुए महिला प्रधान आरक्षक कल्पना जाधव तुरंत दौड़कर पहुंचीं और महिला का हाथ पकड़कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर खींच लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई और महिला यात्री का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका।
