आळंदी। आळंदी नगर परिषद के घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्प (कचरा डेपो) में लगातार आग लगने और उससे उठने वाले धुएं के कारण पंचक्रोशी क्षेत्र के नागरिकों तथा श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में नगर परिषद की कथित उदासीनता पर सवाल उठाते हुए केळगाव के ग्रामस्थ संदीप भाऊ मुंगसे ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मुंगसे का आरोप है कि कचरा डेपो में लगभग रोज आग लगने से निकलने वाला धुआं आसपास के गांवों और आळंदी आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। इसके बावजूद आळंदी नगर परिषद इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
उन्होंने कहा कि आळंदी देवस्थान ने घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्प के लिए लगभग पांच एकड़ भूमि नगर परिषद को उपलब्ध कराई थी। लेकिन परियोजना के संचालन में करार की शर्तों का उल्लंघन होने के बावजूद देवस्थान प्रशासन इस मामले में मौन बना हुआ है।
संदीप भाऊ मुंगसे ने आरोप लगाया कि भूमि उपयोग से संबंधित नियमों और शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र में प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे और बढ़ सकते हैं। वहीं, नगर परिषद और देवस्थान प्रशासन की भूमिका को लेकर भी नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

