पुणे, 16 जून : पुणे शहर में इस वर्ष मानसून की शुरुआत बेहद कमजोर रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शिवाजीनगर वेधशाला में जून माह के पहले 15 दिनों में एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं हुई। वर्ष 1958 से उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह पहली बार है जब जून के पहले पखवाड़े में पुणे पूरी तरह सूखा रहा है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 1915 और 1932 में जून के शुरुआती 17 दिनों तक बारिश नहीं हुई थी। हालांकि उन वर्षों में बाद में वर्षा हुई और जून महीने के अंत तक अलग-अलग मात्रा में बारिश दर्ज की गई थी। वर्ष 1915 में जून में 362 मिमी, 1932 में 79 मिमी और 1958 में 65 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। 1958 में पहली बारिश 16 जून को जबकि 1915 और 1932 में 18 जून को हुई थी।
महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है। पुणे जिले के लोहेगांव और हडपसर जैसे कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हुई है, लेकिन शहर के अधिकांश हिस्से अब तक सूखे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में मानसूनी हवाएं कमजोर हैं और व्यापक वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पा रही हैं।
बारिश की कमी के कारण पुणे में गर्मी और उमस भी बनी हुई है। सोमवार को शिवाजीनगर में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोरेगांव पार्क और हडपसर सबसे गर्म क्षेत्र रहे, जहां न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। चिंचवड़ में 25.5 डिग्री, मगरपट्टा में 25 डिग्री तथा एनडीए और लवाले में 22.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।मौसम विभाग का कहना है कि निकट भविष्य में महाराष्ट्र में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जिससे बारिश का इंतजार और लंबा खिंच सकता है।

