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इस वर्ष वृंदावन के प्रेम मंदिर में विराजेंगे दगडूशेठ के गणपति

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पुणे। श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट एवं सुवर्णयुग तरुण मंडल द्वारा आयोजित 134वें गणेशोत्सव में इस वर्ष वृंदावन स्थित प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की भव्य प्रतिकृति तैयार की जाएगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने पत्रकार परिषद में बताया कि राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और भक्ति का प्रतीक प्रेम मंदिर इस वर्ष की सजावट का मुख्य विषय रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति और प्रेम-भक्ति का संदेश मिलेगा।
सजावट कार्य का शुभारंभ सणस मैदान के सामने हिराबाग कोठी स्थित ट्रस्ट के सजावट विभाग में कला निर्देशक नितेश कुमार के हाथों किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारी, विधायक हेमंत रासने, डॉ. रामचंद्र (बालासाहेब) परांजपे, माणिक चव्हाण, महेश सूर्यवंशी, अमोल केदारी, अक्षय गोडसे, प्रकाश चव्हाण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


ट्रस्ट के सरचिटणीस एवं विधायक हेमंत रासने ने बताया कि ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से देश के प्रसिद्ध मंदिरों की आकर्षक प्रतिकृतियां तैयार करता आ रहा है। इस वर्ष बनने वाली प्रेम मंदिर की प्रतिकृति लगभग 100 फीट ऊंची, 120 फीट लंबी और 90 फीट चौड़ी होगी। सफेद संगमरमर की वास्तुकला से प्रेरित इस प्रतिकृति में भव्य स्तंभ, प्रकाशित गुंबद, रासलीला, गोवर्धन लीला, झूला लीला सहित भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को दर्शाने वाले शिल्प भी शामिल होंगे।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते भौतिकवाद के बीच प्रेम, भक्ति, सद्भाव और श्रद्धा का संदेश देना इस सजावट का प्रमुख उद्देश्य है। बुधवार चौक में भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, जबकि मुख्य प्रतिकृति के दोनों ओर कृष्ण लीलाओं पर आधारित विशेष मंडप तैयार किए जाएंगे। मंदिर के शीर्ष भाग पर राधा-कृष्ण की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह भव्य सजावट देश-विदेश से आने वाले लाखों गणेश भक्तों के लिए विशेष आकर्षण होगी और भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देगी। इस प्रतिकृति का निर्माण कला निर्देशक नितेश कुमार और ग्लिटरी इवेंट्स प्रा. लि. द्वारा किया जा रहा है।

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