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खान-पान और बोलने पर नियंत्रण से मिलता है ‘स्वास्थ्य और मनःशांति’ डॉ. संजय उपाध्ये का आह्वान

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पुणे, २५ जून: “यदि आप उत्तम स्वास्थ्य और मन की शांति चाहते हैं तो प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं को जानना होगा. हम अपनी बीमारी को किस दृष्टि से देखते हैं, इस पर हमारा स्वास्थ्य निर्भर करता है. खान-पान और बोलने पर नियंत्रण रखने से सब कुछ संभव हो जाता है. श्वास, विश्वास और आत्मविश्वास के बीच सही संतुलन बनाकर आत्मचिंतन करना आवश्यक है,” यह राय सुप्रसिद्ध गप्पाष्टककार डॉ. संजय उपाध्ये ने व्यक्त की.

माईर्स एमआईटी शिक्षण संस्था के संस्थापक विश्वधर्मी प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड द्वारा अपनी माताजी स्व. सरस्वती कराड की स्मृति में स्थापित श्री सरस्वती कराड हॉस्पिटल की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर कोथरुड स्थित एमआईटी के स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में ‘स्वास्थ्य और मनःशांति’ विषय पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में वे बोल रहे थे.

यह कार्यक्रम माईर्स एमआईटी के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड के शुभ आशीर्वाद से संपन्न हुआ.

इस अवसर पर श्रीमती उषा विश्वनाथ कराड, ट्रस्टी प्रकाश जोशी, विद्या जोशी, कार्यकारी संचालक डॉ. सुचित्रा कराड-नागरे, एसएसकेएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तुषार खाचणे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिरीष भातलवंडे और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमोल सहस्त्रबुद्धे उपस्थित थे. साथ ही शिक्षा, सामाजिक, साहित्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिक तथा हास्य क्लब के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

डॉ. संजय उपाध्ये ने कहा, “मन की शांति और अच्छी सेहत के लिए हंसी सबसे अच्छी दवा है. स्वास्थ्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपनी बीमारी को कैसे देखते हैं. परिस्थिति और बीमारी को हास्य-विनोद के साथ स्वीकार करने की कला सीखनी चाहिए. शरीर का मालिक बनने के बजाय, हमें सदैव ट्रस्टी की भावना रखनी चाहिए. स्वास्थ्य बिगड़ने का मुख्य कारण हमारी प्रतिक्रिया और नकारात्मक विचार हैं.”

“जब आप किसी बीमारी के लिए डॉक्टर के पास जाएं तो उन पर पूरा भरोसा रखें और उपचार करवाएं. आत्मचिंतन कर बीमारी का कारण खोजें. जब भय समाप्त हो जाता है, तो जीवन में खुशी के अंकुर फूटते हैं. अहंकार और केवल वाचालता जीवन को कठिन बना देते हैं. इसलिए जीवन में गंभीर होने के बजाय सामंजस्य बैठाना सीखें, यानी ‘जस्ट एडजस्ट’ करें. मन की शांति और अच्छा स्वास्थ्य आपके व्यवहार पर निर्भर करता है,” यह बात भी डॉ. संजय उपाध्ये ने कही.

डॉ. सुचित्रा कराड-नागरे ने कहा, “सेवा, स्वास्थ्य और शिक्षा के तीन सिद्धांतों पर आधारित इस हॉस्पिटल में 100 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं. हम अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस हॉस्पिटल में गुणवत्तापूर्ण मरीज सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” डॉ. तुषार खाचणे ने हॉस्पिटल द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाओं, साथ ही सभी जांचों पर दी जाने वाली छूट और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम का संचालन डॉ. अदिति ताले ने किया.

 

एसएसकेएच की ओर से विशेष छूट

अपनी प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर श्री सरस्वती कराड हॉस्पिटल द्वारा सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे, मैमोग्राफी एवं ब्लड टेस्ट पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. साथ ही एंजियोग्राफी सर्विस पैकेज भी रियायती दरों पर उपलब्ध है. हॉस्पिटल प्रबंधन ने जरूरतमंद मरीजों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है.

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