Jan Bharat Samachar

जन्मदिन, शादी और पारिवारिक समारोहों में सामाजिक जिम्मेदारी निभाना जरूरी – संदीप खरडेकर

Spread the love

पुणे: जन्मदिन, शादी, त्योहार और पारिवारिक खुशियों के अवसर पर केवल उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यह विचार क्रिएटिव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खरडेकर ने व्यक्त किए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोग अपने पारिवारिक समारोहों में रिश्तेदारों, मित्रों और गणमान्य लोगों का स्वागत शानदार व्यवस्था, भोजन और उपहारों के साथ करते हैं, जो सराहनीय है। लेकिन यदि इसी खर्च का कुछ हिस्सा समाज के वंचित, दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी रखा जाए, तो इससे सच्चा संतोष और पुण्य की प्राप्ति होती है।

 

अपने पोते कार्तिक कल्याणी प्रतीक खरडेकर के तीसरे जन्मदिन के अवसर पर कोथरूड स्थित “अब नॉर्मल” विशेष दिव्यांग बच्चों के केंद्र को दो अलमारियां, सतरंजी और बच्चों के लिए खाद्य सामग्री भेंट कर जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर संदीप खरडेकर ने कहा कि “Joy of Giving” (देने का आनंद) की भावना और संस्कार बच्चों में बचपन से ही विकसित किए जाने चाहिए।

इस मौके पर वारजे-कर्वेनगर प्रभाग समिति की अध्यक्ष एवं पूर्व नगरसेविका मंजुश्री खरडेकर, प्रतीक खरडेकर, कल्याणी खरडेकर, संस्था की संचालिका किशोरीताई पाठक, शिक्षिकाएं मेघना मिठभाकरे, सुजाता जावळे, अवंती राळेगावकर, वैशाली जहागीरदार सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे ।

संस्था की संचालिका किशोरीताई पाठक ने बताया कि “अब नॉर्मल” केंद्र में विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चों को उनकी प्रतिभा और रुचि के अनुसार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाता है। अब तक यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर 20 से अधिक बच्चे रोजगार से जुड़कर स्वावलंबी बन चुके हैं।

इस अवसर पर मंजुश्री खरडेकर और कल्याणी खरडेकर ने कहा कि शहर और जिले के वृद्धाश्रम, अंध विद्यालय, दिव्यांग केंद्र, विशेष बच्चों के स्कूल और निराश्रित संस्थानों को हमेशा आवश्यक सामग्री की जरूरत रहती है। यदि अनावश्यक खर्च कम किया जाए, तो ऐसे संस्थानों की प्रभावी सहायता की जा सकती है।

वहीं प्रतीक खरडेकर ने कहा कि अपनी आय का एक हिस्सा समाजसेवा में लगाना सबसे बड़ा संतोष देता है। संदीप खरडेकर ने समाज के दानदाताओं से अपील करते हुए कहा कि सेवा कार्य तभी सफल हो सकते हैं जब समाज के सक्षम लोग आगे बढ़कर ऐसे संस्थानों का सहयोग करें।

Exit mobile version