पुणे। अस्पताल में भर्ती मां के निधन का सदमा 25 वर्षीय बेटे के लिए असहनीय साबित हुआ। मां की मौत की खबर मिलते ही उसने घर जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना के बाद पुणे के नई पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में मां-बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मृतकों की पहचान मंदा दोडके (50) और उनके पुत्र साहिल गणेश दोडके (25), निवासी पर्वती दर्शन, के रूप में हुई है। मूल रूप से यह परिवार दांडेकर पुल क्षेत्र का रहने वाला था, लेकिन झोपड़पट्टी पुनर्वसन परियोजना के कारण कुछ दिन पहले ही पर्वती दर्शन इलाके में किराये के मकान में रहने आया था।
मंदा दोडके वृद्ध मरीजों की देखभाल का काम करती थीं। चार बेटियों के बाद जन्मा साहिल परिवार का इकलौता बेटा था। वह सुबह-सुबह घरों में दूध पहुंचाने के साथ-साथ लिफ्ट मरम्मत का काम कर परिवार की जिम्मेदारी निभाता था।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के मंदा दोडके को लकवे का दौरा पड़ा, जिसके बाद साहिल ने उन्हें ससून अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार सुबह वह मां के लिए चाय लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मां के निधन की सूचना दी। इस दुखद खबर से टूट चुके साहिल ने सीधे घर जाकर फांसी लगा ली।
सुबह करीब 10 बजे परिजनों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। बाद में दरवाजे की दरार से देखने पर साहिल फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत ससून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू होने से पहले ही उसे मृत घोषित कर दिया।
पर्वती पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक राजेंद्र सहाणे ने बताया कि मां और बेटे दोनों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। इस मार्मिक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
मां की मौत का सदमा नहीं सह सका बेटा, फांसी लगाकर दी जान

