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मराठी को ज्ञानभाषा बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम

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मुंबई :  मराठी भाषा को उच्च शिक्षा में सम्मानजनक स्थान दिलाने और मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महाराष्ट्र में शुरू किए गए मराठी माध्यम के इंजीनियरिंग डिग्री पाठ्यक्रम की विधान परिषद सदस्य अमित गोरखे ने विशेष सराहना की।
विधान परिषद में मराठी भाषा संवर्धन पर हुई चर्चा के दौरान अमित गोरखे ने कहा कि पिंपरी चिंचवड़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (PCCOE) ने मराठी माध्यम में इंजीनियरिंग डिग्री पाठ्यक्रम शुरू कर राज्य के शैक्षणिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए संस्थान को सदन में विशेष बधाई दी।
उन्होंने कहा कि मराठी केवल व्यवहार की भाषा न रहकर ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग जैसे उच्च शिक्षा के क्षेत्रों की भी सशक्त भाषा बने, इसके लिए ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है। उनके अनुसार, मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों की समझ बेहतर होगी और शिक्षा अधिक प्रभावी बनेगी।
अमित गोरखे ने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ जैसे औद्योगिक, तकनीकी और शैक्षणिक शहर में स्थित PCCOE द्वारा मराठी माध्यम से इंजीनियरिंग शिक्षा शुरू करना पूरे महाराष्ट्र के लिए प्रेरणादायी कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल राज्य के हजारों विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
चर्चा का उत्तर देते हुए उदय सामंत ने मराठी भाषा में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की सकारात्मक भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मातृभाषा में उपलब्ध कराने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।
अंत में अमित गोरखे ने आशा व्यक्त की कि महाराष्ट्र की अन्य शैक्षणिक संस्थाएं भी इस पहल से प्रेरणा लेकर मराठी माध्यम में व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि मराठी को ज्ञानभाषा के रूप में स्थापित करने की दिशा में PCCOE का यह ऐतिहासिक कदम पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है।

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