पुणे, : सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के हॉस्टल नंबर 9 समेत अन्य छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू होने से छात्रों में भारी नाराजगी है। छात्रों ने इसे अन्यायपूर्ण और अमानवीय बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
छात्रों का कहना है कि NET-SET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं सिर पर हैं और इस समय उन्हें पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ठीक इसी दौर में छात्रावास खाली कराने का निर्णय लेकर विद्यार्थियों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। छात्रों के अनुसार, बारिश के मौसम में जबरन हॉस्टल खाली कराने से उनकी पढ़ाई, मानसिक स्थिति और रहने की व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
इसी के विरोध में छात्र सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलगुरु कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। भारी बारिश के बीच छात्र पिछले एक घंटे से धरने पर बैठे हुए हैं और अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
आंदोलनरत छात्रों का आरोप है कि अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई जिम्मेदार या वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलने, उनकी समस्याएं सुनने या कोई समाधान निकालने के लिए सामने नहीं आया है। इससे छात्रों में और अधिक रोष फैल गया है। उनका कहना है कि प्रशासन का यह रवैया छात्रों के प्रति असंवेदनशील और अमानवीय है।
छात्रों ने मांग की है कि हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और परीक्षा तक विद्यार्थियों को राहत दी जाए, ताकि वे बिना किसी तनाव के अपनी तैयारी पूरी कर सकें।
NET-SET परीक्षा से पहले छात्रों को हॉस्टल खाली कराने पर बवाल, पुणे विश्वविद्यालय में बारिश में धरना

