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7 जुलाई को देहू से रवाना होगी जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज की पालखी

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पुणे। जगद्गुरु श्री संत तुकाराम महाराज की आषाढ़ी पायी वारी पालखी का शुभारंभ इस वर्ष 7 जुलाई को श्रीक्षेत्र देहू से भक्तिमय वातावरण में होगा। श्रीक्षेत्र देहू देवस्थान संस्थान की ओर से पालखी सोहळे का विस्तृत कार्यक्रम घोषित किया गया है।
परंपरा के अनुसार प्रस्थान दिवस पर सुबह धार्मिक विधि-विधान, पूजा-अर्चना, अभिषेक तथा कीर्तन के बाद संत तुकाराम महाराज की पालखी पंढरपुर के लिए रवाना होगी। इस अवसर पर हजारों वारकरी, श्रद्धालु और दिंडियां विठ्ठल नाम का जयघोष करते हुए पैदल यात्रा प्रारंभ करेंगी।
करीब तीन सप्ताह तक चलने वाली यह ऐतिहासिक वारी देहू से पंढरपुर तक विभिन्न पारंपरिक मार्गों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान आकुर्डी, पुणे के नाना पेठ स्थित श्री निवडुंगा विठ्ठल मंदिर, हडपसर, लोणी काळभोर, यवत, वरवंड (उंडवडी), बारामती (शारदा विद्यालय), सनसर, निमगांव केतकी, इंदापुर, सराटी, पालखीतळ (निरास्नान), अकलूज, बोरगांव, श्रीपुर, पिराची कुरोली तथा वाखरी सहित अनेक स्थानों पर पालखी का विश्राम एवं रात्रि मुकाम रहेगा। पालखी 25 जुलाई को श्रीक्षेत्र पंढरपुर पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक गोल रिंगण, पादुका पूजन, कीर्तन, भजन तथा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुणे के श्री निवडुंगा विठ्ठल मंदिर में पालखी का पूरे दिन मुकाम रहेगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। अंतिम चरण में वाखरी से होते हुए पालखी पंढरपुर में प्रवेश करेगी तथा श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन के साथ इस यात्रा का मुख्य पड़ाव पूर्ण होगा।
पालखी सोहळा प्रमुख ह.भ.प. विक्रमसिंह महाराज मोरे, ह.भ.प. लक्ष्मण महाराज मोरे, ह.भ.प. उमेश महाराज मोरे, अध्यक्ष जालिंदर महाराज मोरे तथा ट्रस्टी गणेश महाराज मोरे, वैभव महाराज मोरे और दिलीप महाराज मोरे ने बताया कि पालखी सोहळे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वारकरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन, देवस्थान संस्थान एवं स्थानीय ग्रामस्थों के सहयोग से पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है।

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