पुणे। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने मंगलवार को पुणे शहर, पुणे ग्रामीण और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में एक साथ 60 से अधिक स्थानों पर व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके कथित ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) संपर्कों से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ATS को आशंका है कि ISI, शहजाद भट्टी के माध्यम से भारत के कुछ युवाओं को देशविरोधी गतिविधियों के लिए प्रभावित करने का प्रयास कर रही थी। इसी संदेह के आधार पर जांच एजेंसी संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है और इलेक्ट्रॉनिक तथा अन्य साक्ष्य जुटा रही है। इससे पहले भी इसी मामले में राज्य के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी की गई थी, जिसके बाद अब कार्रवाई को और तेज कर दिया गया है।
सोलापुर की NGO पर भी ATS की बड़ी कार्रवाई
इसी जांच से जुड़े एक अन्य मामले में मुंबई ATS ने सोलापुर की एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है। आरोप है कि संस्था ने धर्मादाय आयुक्त कार्यालय में वैध पंजीकरण के बिना लगभग 10 करोड़ रुपये का चंदा एकत्र किया। इस मामले में संस्था के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि संस्था ने कथित तौर पर गलत पंजीकरण संख्या का उपयोग कर आयकर विभाग, दानदाताओं और शासन को गुमराह किया। ATS ने इस मामले में एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि उसके मोबाइल फोन में 50 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क नंबर मिले हैं।
126 करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच
ATS की जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित NGO को शुरू करने के लिए एक विदेशी संस्था से 8 लाख रुपये की सहायता मिली थी। जांच के दौरान उस विदेशी संस्था के 15 बैंक खातों में 126 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन का पता चला है।
अब ATS यह जांच कर रही है कि इन निधियों का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया और क्या इनका इस्तेमाल किसी देशविरोधी गतिविधि में हुआ। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की नियमित जमानत याचिका तथा अन्य दो पदाधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं सोलापुर जिला न्यायालय ने खारिज कर दी हैं। इसकी जानकारी सोलापुर के प्रमुख जिला सरकारी वकील एडवोकेट प्रदीपसिंह राजपूत ने दी।

