पुणे:श्री शांतिनगर श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ, कोंढवा, पुणे में दिव्य चातुर्मास–2026 के शुभ अवसर पर परम पूज्य कच्छ वागड़ देशोद्धारक, आध्यात्मयोगी प.पू. आचार्यदेव श्री विजय कलापूर्णसूरीश्वरजी म.सा. के पावन समुदाय की प.पू. साध्वी श्री दिव्यगुणाश्रीजी म.सा. की शिष्यरत्ना, तपस्वी रत्ना प.पू. साध्वी श्री दर्शनगुणाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा का चातुर्मास प्रवेश अत्यंत भव्य, भक्तिमय एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।

चातुर्मास प्रवेश के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, गुरु भक्तों एवं समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। जयघोष, भक्ति एवं श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण में गुरु माँ का मंगल प्रवेश हुआ, जिससे सम्पूर्ण संघ धर्ममय एवं आनंदमय भावनाओं से सराबोर हो गया।
इस वर्ष के सम्पूर्ण चातुर्मास के लाभार्थी अ. सौ. मफीदेवी बाबूलालजी विनायकिया परिवार (जवेरीलालजी बाबूलालजी विनायकिया परिवार) हैं। परिवार ने अत्यंत श्रद्धा, समर्पण एवं उदार भाव से इस पावन चातुर्मास का लाभ ग्रहण किया। सम्पूर्ण संघ ने उनके इस पुण्य कार्य की हृदय से अनुमोदना करते हुए मंगलमय जीवन एवं उत्तरोत्तर धर्मलाभ की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
संघ के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं से चातुर्मास के दौरान आयोजित होने वाले प्रवचन, स्वाध्याय, तप, आराधना एवं विभिन्न धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनकर अपने जीवन को धर्ममय बनाने का आह्वान किया।
गुरु भगवंत के पावन सान्निध्य में यह सम्पूर्ण चातुर्मास धर्म, तप, संयम, आराधना एवं आत्मकल्याण का प्रेरणादायी पर्व बने, यही मंगल भावना व्यक्त की गई।
संस्था के अध्यक्ष कपुरचंद जी गुंदेशा , ट्रस्ट्री ललित चौहान, महेन्द्र भंसाली, महेन्द्र पोरवाल, हंसमुख एवं सोसायटी के अनेक गणमान्य संदस्य उपस्थित रहे