पुणे, 24 जुलाई। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), पुणे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बारामती एमआईडीसी डिपो के परिवहन नियंत्रक एवं एस.टी. को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई के निदेशक अनिल तुकाराम बनकर (51) को ₹4 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ बारामती शहर पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 20 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने एस.टी. को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई की बारामती शाखा के भवन के फर्नीचर नवीनीकरण का कार्य किया था। इस कार्य का कुल बिल ₹48.60 लाख था, जिसमें से ₹40 लाख का भुगतान हो चुका था, जबकि ₹8.60 लाख और अन्य छोटे कार्यों के ₹4.98 लाख का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि अनिल बनकर ने लंबित भुगतान की मंजूरी दिलाने और आदेश जारी करने के बदले ₹5 लाख रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जांच की। जांच के दौरान आरोपी ने रिश्वत की मांग बढ़ाकर ₹6 लाख कर दी। बाद में समझौते के तहत पहले ₹4 लाख और शेष ₹2 लाख बाद में लेने पर सहमति बनी।
इसके बाद एसीबी ने 23 जुलाई 2026 को जाल बिछाया। शाम 6:19 बजे बारामती एस.टी. स्टैंड के सामने सड़क पर खड़ी एमएच-42 बीई-5787 नंबर की कार में आरोपी ने शिकायतकर्ता से ₹4 लाख की रिश्वत स्वीकार की। इसी दौरान एसीबी की टीम ने उसे पंचों की मौजूदगी में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी पुणे के पुलिस निरीक्षक संतोष पाटील ने किया, जबकि मामले की जांच पुलिस निरीक्षक सुहास हट्टेकर कर रहे हैं।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

