पुणे: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि और लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे की जयंती के अवसर पर जाधवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, न-हे की ओर से भव्य रंगोली बनाकर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर छात्राओं ने दीप प्रज्वलित कर स्वराज्य, साहित्य और सामाजिक जागरूकता के उनके योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. सुधाकरराव जाधवर, उपाध्यक्ष एडवोकेट शार्दुल जाधवर तथा कोषाध्यक्ष सुरेखा जाधवर के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान 20×20 फीट आकार की आकर्षक रंगोली तैयार की गई, जिसे प्रसिद्ध रंगोली कलाकार सुनील सोनटक्के और वैशाली सोनटक्के ने साकार किया।
रंगोली में लोकमान्य तिलक के स्वराज्य आंदोलन तथा लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे के साहित्य और समाज जागरण में दिए गए अमूल्य योगदान को कलात्मक रूप से दर्शाया गया। साथ ही उनके जीवन और कार्यों से जुड़ी प्रेरणादायक प्रतीकात्मक आकृतियां भी उकेरी गईं।

एडवोकेट शार्दुल जाधवर ने कहा कि “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष करने वाले लोकमान्य तिलक तथा फकीरा जैसी अमर साहित्यिक कृति के माध्यम से समाज में जागृति लाने वाले लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे के कार्य आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के आदर्शों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है।