पुणे, 7 अगस्त। महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग की ओर से शुक्रवार को मुठा नदी पुनर्जीवन परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नदी पुनर्जीवन के साथ-साथ शहर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में राज्यमंत्री (नगर विकास, परिवहन, सामाजिक न्याय, चिकित्सा शिक्षा, अल्पसंख्यक विकास एवं वक्फ) माधुरी मिसाल, विधायक हेमंत रासने, पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे, उपमहापौर परशुराम वाडेकर, पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने औंध-बाणेर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले हैरिस ब्रिज परिसर, आदर्श नगर, हिंदू श्मशानभूमि एवं मुस्लिम कब्रिस्तान परिसर, बोपोडी सबवे और चंद्रमणि नगर जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की गंभीर स्थिति की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में हर वर्ष बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके चलते लगभग 700 से 800 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ता है। बाढ़ के कारण नागरिकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
वाडेकर ने मांग की कि नदी के तल में जमा गाद, मलबे और पानी के प्रवाह में आने वाली बाधाओं को तत्काल हटाया जाए। साथ ही मुठा नदी पुनर्जीवन परियोजना के तहत औंध-बाणेर क्षेत्र की बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं।
बैठक में संबंधित अधिकारियों ने इन समस्याओं का संज्ञान लेते हुए नदी पुनर्जीवन परियोजना के तहत आवश्यक उपायों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

