पुणे, दि. १०:शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) कोष के प्रभावी उपयोग से संस्थागत निर्माण करने वाली पुणे स्थित संस्था ‘फ्रेंड्स यूनियन फॉर एनर्जाइजिंग लाइव्स’ (फ्यूल) को १३वें राष्ट्रीय सीएसआर और ईएसजी सम्मेलन में प्रतिष्ठित ‘सीएसआर टाइम्स २०२६’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के हाथों प्रदान किया गया।
“समावेशी भारत के लिए जिम्मेदार उद्योगों की भूमिका” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में देशभर से ५०० से अधिक प्रतिनिधि प्रत्यक्ष रूप से तथा २५०० से अधिक नागरिक ऑनलाइन शामिल हुए। नई दिल्ली के ले मेरिडियन होटल में आयोजित इस भव्य समारोह में फ्यूल के ‘कॉर्पोरेट दान और नामांकित स्कूल’ के अनोखे शैक्षणिक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली। फ्यूल की ओर से डॉ. प्राची अहिराव (विभागाध्यक्ष एवं प्रबंधन संकाय) और श्रीमती सोनाली घोंगड़े (वित्त अधिकारी) ने यह सम्मान स्वीकार किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ सांसद प्रमोद बोरो, सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी, सांसद प्रवीण पटेल, सीएसआर टाइम्स की ज्यूरी के अध्यक्ष डॉ. भास्कर चटर्जी सहित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति, नीति निर्माता और उद्योग जगत के नेता उपस्थित थे।
‘फ्यूल’ की १९ वर्षों की सफल यात्रा
२००७ में एक छोटी करियर मार्गदर्शन संस्था के रूप में शुरू हुई ‘फ्यूल’ अब ‘फ्यूल स्किलटेक एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी’ के रूप में विकसित हो चुकी है। यह विश्वविद्यालय मुख्य रूप से सीएसआर कोष के माध्यम से स्थापित किया जा रहा है, जो भारतीय उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक अत्यंत दुर्लभ और अनूठा उदाहरण है। फ्यूल के ‘शिक्षा का दान और गोद लेने का मॉडल’ के तहत कॉर्पोरेट कंपनियों और दानदाताओं को विश्वविद्यालय के पूरे शैक्षणिक स्कूलों को गोद लेने और उन्हें अपना नाम देने का निमंत्रण दिया जाता है। इससे टुकड़ों में खर्च होने वाला सीएसआर फंड स्थायी शैक्षणिक बुनियादी ढांचे में बदल जाता है। इसके माध्यम से पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों, किसानों व सैनिकों के बच्चों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को दशकों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना संभव होगा।
‘फ्यूल’ की अब तक की प्रमुख उपलब्धियां
फ्यूल ने पिछले दो दशकों में ९० से अधिक कॉर्पोरेट सहयोगियों की मदद से २४८ करोड़ रुपये से अधिक का सीएसआर फंड जुटाया है। इसके माध्यम से १२.५२ लाख से अधिक युवाओं तक पहुंचकर ९ लाख से अधिक छात्रों को करियर मार्गदर्शन और २.९३ लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही जरूरतमंद परिवारों के २,९०७ से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है।
कोट
सीएसआर फंड केवल अल्पकालिक परियोजनाओं तक सीमित न रहकर, उससे स्थायी और टिकाऊ संस्थाओं का निर्माण हो सकता है, यह फ्यूल के इस मॉडल ने साबित किया है। इस पुरस्कार से हमारे इस मॉडल को बहुत बल मिला है।
—डॉ. केतन देशपांडे, संस्थापक एवं अध्यक्ष, फ्यूल.

