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राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया पॅराप्लेजिक पुनर्वास केंद्र, खड़की का दौरा

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पुणे, 16 अगस्त (विमाका)। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने खड़की स्थित पॅराप्लेजिक पुनर्वास केंद्र का दौरा कर दिव्यांग जवानों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर दक्षिण महाराष्ट्र एवं गोवा सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल विशाल अग्रवाल तथा संस्थान के निदेशक कर्नल रतन कुमार मुखर्जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इस दौरान मेजर जनरल विशाल अग्रवाल और कर्नल रतन कुमार मुखर्जी ने राज्यपाल को बताया कि युद्ध तथा विभिन्न सैन्य अभियानों के दौरान कर्तव्य निभाते हुए दिव्यांग हुए जवानों के शारीरिक एवं मानसिक पुनर्वास का कार्य केंद्र में किया जाता है। जवानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

दिव्यांग खिलाड़ियों से किया संवाद

राज्यपाल ने केंद्र में पुनर्वास प्राप्त कर चुके तथा अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों से संवाद किया। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों और उनके संघर्ष के बारे में जानकारी ली तथा उनकी मेहनत और जज्बे की सराहना की।

राज्यपाल ने केंद्र में दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में हासिल की गई उपलब्धियों को दर्शाने वाली फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।

जवानों की कलाकृतियों को सराहा

राज्यपाल ने दिव्यांग जवानों द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने माउथ पेंटिंग करने वाले जवान कलाकार से विशेष बातचीत की और उसकी कला की सराहना की। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जवानों द्वारा अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के प्रयासों को प्रेरणादायी बताया।

CSR के माध्यम से मिल रही आर्थिक सहायता

इस अवसर पर राज्यपाल को बताया गया कि केंद्र में पुनर्वास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और सुविधाओं के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि के माध्यम से आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। इस सहयोग से दिव्यांग जवानों के पुनर्वास और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

राज्यपाल ने पॅराप्लेजिक पुनर्वास केंद्र द्वारा दिव्यांग जवानों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनके समर्पण और सेवाभाव की प्रशंसा की।

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