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आदिवासी विकास विभाग की सरकारी आश्रमशालाओं में जल्द होगी 2,421 शिक्षकों की भर्ती

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पुणे : महाराष्ट्र शासन के आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी आश्रमशालाओं में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक (शिक्षण सेवक) के 2,421 रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह भर्ती पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) और गैर-पेसा क्षेत्रों के वर्ग-3 संवर्ग के पदों के लिए ‘पवित्र’ पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। यह जानकारी आदिवासी विकास आयुक्तालय की उपायुक्त शशिकला अहिरराव ने दी।

भर्ती प्रक्रिया के तहत नाशिक विभाग में 826, ठाणे में 613, नागपुर में 514 और अमरावती विभाग में 468 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक (मराठी और अंग्रेजी माध्यम) तथा उच्च माध्यमिक शिक्षक (शिक्षण सेवक) के विभिन्न पद शामिल हैं। कुल पदों में पेसा क्षेत्र के 885 और गैर-पेसा क्षेत्र के 1,536 पद शामिल हैं।

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के पद

प्राथमिक शिक्षक (मराठी माध्यम) के गैर-पेसा क्षेत्र में 862 और पेसा क्षेत्र में 436 पद हैं। प्राथमिक शिक्षक (अंग्रेजी माध्यम) के पेसा क्षेत्र में 67 और गैर-पेसा क्षेत्र में 161 पदों पर भर्ती होगी।

इसी तरह माध्यमिक शिक्षक (मराठी माध्यम) के गैर-पेसा क्षेत्र में 352 तथा पेसा क्षेत्र में 138 पद हैं। माध्यमिक शिक्षक (अंग्रेजी माध्यम) के पेसा क्षेत्र में 5 और गैर-पेसा क्षेत्र में 22 पदों पर भर्ती की जाएगी।

उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 357 पद

उच्च माध्यमिक शिक्षकों के पेसा क्षेत्र में 251 और गैर-पेसा क्षेत्र में 106, यानी कुल 357 पद उपलब्ध हैं। इन पदों में मराठी, अंग्रेजी, इतिहास, राज्यशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, गणित, जीवविज्ञान, रसायनशास्त्र और भौतिकशास्त्र जैसे विभिन्न विषय शामिल हैं।

इस भर्ती प्रक्रिया से राज्य के हजारों पात्र उम्मीदवारों को रोजगार का अवसर मिलने की उम्मीद है।

आदिवासी विकास आयुक्त लीना बनसोड ने कहा कि आश्रमशाला शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय और आदिवासी क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए पेसा और गैर-पेसा क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। इसके अनुसार कुल भर्ती में पेसा क्षेत्र के लिए 885 और गैर-पेसा क्षेत्र के लिए 1,536 पद निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया ‘पवित्र’ पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी, गुणवत्ताधारित और नियमानुसार की जा रही है। इसलिए उम्मीदवारों को किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

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