पुणे; महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व नरेंद्र मोदी और अमित शाह को खुश करने के लिए कांग्रेस पर लगातार तथ्यहीन और बेबुनियाद आरोप लगाने का एकसूत्री कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फडणवीस को अपनी राजनीतिक मजबूरियां समझ में आती होंगी, लेकिन मुख्यमंत्री पद की गरिमा बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी है।
तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पर लगातार निशाना साधने के प्रयास में मुख्यमंत्री फडणवीस बार-बार अपनी “बौद्धिक दिवालियापन” का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर 2023 में संसद द्वारा पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया पूरी होने तक महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाना तथ्यों से परे और भ्रामक है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब विधेयक में ऐसी कोई शर्त नहीं है, तो मुख्यमंत्री बार-बार कांग्रेस को महिला विरोधी बताकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फडणवीस को कम से कम विधेयक की मूल जानकारी तो होनी चाहिए।
तिवारी ने आगे कहा कि भाजपा ने स्वयं 2024 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण के अनुरूप पर्याप्त महिला उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया। इससे भाजपा का महिला विरोधी चेहरा उजागर हुआ और महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी को 48 में से 31 सीटों पर जीत मिली, जबकि भाजपा-महायुति को केवल 17 सीटें ही प्राप्त हुईं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे अपने शीर्ष नेतृत्व को इस राजनीतिक वास्तविकता से अवगत कराएं और कांग्रेस के खिलाफ अतार्किक एवं भ्रामक बयानबाजी से बचें। तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को वैचारिक परिपक्वता का परिचय देते हुए जिम्मेदारीपूर्ण वक्तव्य देने चाहिए। राहुल गांधी के महिला नीति संबंधी विचारों पर फडणवीस द्वारा की गई टिप्पणी के जवाब में तिवारी ने यह प्रतिक्रिया एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।
फडणवीस वायफळ वक्तव्य बंद करें, मुख्यमंत्री पद की गरिमा बनाए रखें : गोपालदादा तिवारी

