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पुणे की सड़कों के गड्ढों पर संदीप खर्डेकर ने उठाए सवाल, पुनर्निर्माण की मांग

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पुणे ; पुणे शहर की खस्ताहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर क्रिएटिव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवलकिशोर राम से सड़कों की केवल खानापूर्ति करने के बजाय उनका वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्निर्माण करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गड्ढों में केवल डामर और गिट्टी डालकर उन्हें बंद करना स्थायी समाधान नहीं है।

खर्डेकर ने कहा कि मुख्य मार्गों के साथ-साथ शहर की गलियों और आंतरिक सड़कों की हालत भी बेहद खराब है। इन खराब सड़कों के कारण दोपहिया वाहन चालकों, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों, दिव्यांगों, कामगारों और पैदल चलने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सड़कों पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

उन्होंने विशेष रूप से एमएनजीएल तथा 24 घंटे जलापूर्ति योजना के लिए की गई सड़क खुदाई के बाद सड़कों को पूर्व स्थिति में लाने के काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उनके अनुसार, खुदाई के बाद कई स्थानों पर सड़क मरम्मत में लापरवाही के कारण सड़कें और अधिक खराब हो गई हैं।

 

खर्डेकर ने मांग की कि क्षतिग्रस्त सड़कों को पहले उचित तरीके से खुरचकर उनकी सतह तैयार की जाए, आवश्यक ग्राउटिंग की जाए और इसके बाद वैज्ञानिक पद्धति से डामरीकरण किया जाए। केवल दुर्घटना होने या नागरिकों के आक्रोश के बाद गड्ढों में गिट्टी डालना स्थायी समाधान नहीं है।

 

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि महानगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों को कुछ समय के लिए चारपहिया वाहनों के बजाय दोपहिया वाहनों से शहर की सड़कों का निरीक्षण कराया जाए। उनके अनुसार, इससे अधिकारियों को सड़क की वास्तविक स्थिति और दोपहिया वाहन चालकों की परेशानियों का प्रत्यक्ष अनुभव होगा। उन्होंने क्षेत्रवार खराब सड़कों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और उनके पुनर्निर्माण का आराखड़ा तैयार करने की मांग की है।

 

खर्डेकर ने याद दिलाया कि उन्होंने 15 अक्टूबर 2025 को भी मनपा आयुक्त को पत्र देकर मुख्य सड़कों के साथ-साथ गलियों और आंतरिक सड़कों के डामरीकरण की मांग की थी। उस समय उन्होंने खड्डों से भरी सड़कों की क्षेत्रवार सूची तैयार कर उनके डामरीकरण का समय नागरिकों को बताने की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि पुणे को केवल सुशोभित करने के बजाय नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए। लोकप्रतिनिधियों और प्रशासन को शहर की सभी खराब सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए ठोस कदम उठाकर ‘आपला पुणे’ को वास्तव में रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

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