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डीजे का आवाज स्तर तय सीमा से अधिक न हो, प्लाज्मा स्पीकर और लेजर लाइट पर पूर्ण प्रतिबंध जरूरी : संदीप खर्डेकर

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पुणे। क्रिएटिव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार द्वारा कर्णकर्कश ध्वनि पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि प्लाज्मा स्पीकर और लेजर लाइट पर 100 प्रतिशत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए तथा डीजे का आवाज स्तर निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव, ईद, दहीहांडी, महापुरुषों की जयंती और अन्य धार्मिक एवं सामाजिक जुलूसों में अत्यधिक तेज आवाज वाले डीजे और अशोभनीय नृत्य अब आम होते जा रहे हैं, जिससे सामाजिक शांति प्रभावित होती है। खर्डेकर ने कहा कि उत्सव मनाने की स्वतंत्रता के साथ समाज के वृद्धों, बीमारों, छोटे बच्चों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

संदीप खर्डेकर ने कहा कि समाज का एक वर्ग भले ही तेज ध्वनि वाले डीजे का समर्थन करता हो, लेकिन बड़ी संख्या में सामान्य नागरिक ऐसे आयोजनों से असुविधा महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग विरोध करने से भी कतराते हैं। इसलिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को लोकलुभावन राजनीति से ऊपर उठकर व्यापक सामाजिक हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने संत ज्ञानेश्वर महाराज के अभंग का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि समाज उत्सवों में विवेक और संयम को महत्व दे। युवाओं को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी भी समाज और नेतृत्व की है।

खर्डेकर ने मांग की कि पुलिस प्रशासन द्वारा लागू किए जाने वाले नियम सभी धर्मों के त्योहारों, जुलूसों और महापुरुषों की जयंती समारोहों पर समान रूप से लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि कानून का पालन बिना किसी भेदभाव के होना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं हिंदुत्ववादी विचारधारा से जुड़े हैं, कई गणेश मंडलों से संबंधित हैं तथा कोथरूड नवरात्र महोत्सव के अध्यक्ष भी हैं। इसके बावजूद उनका मानना है कि हिंदू त्योहारों सहित सभी धार्मिक आयोजनों में होने वाले गैरप्रकारों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जाए, लेकिन ध्वनि प्रदूषण और अन्य अनुचित गतिविधियों से बचना भी उतना ही आवश्यक है।

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