पुणे : पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के सांगवी क्षेत्रीय कार्यालय में संपत्ति कर कम करने के बदले 1.20 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए मनपा के एक लिपिक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रंगेहाथ पकड़ा। आरोपी की पहचान उमेश सुभाष कुटे (37) के रूप में हुई है। वह सांगवी स्थित कर संकलन विभागीय कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत है।
एसीबी के अनुसार, 59 वर्षीय शिकायतकर्ता ने पिंपरी-चिंचवड़ के पिंपळे गुरव क्षेत्र में एक भूखंड खरीदकर उस पर तीन मंजिला इमारत का निर्माण किया है। इस इमारत के संपत्ति कर निर्धारण के लिए उन्होंने 20 अगस्त 2026 को मनपा के कर संकलन एवं कर आकारणी विभाग, सांगवी कार्यालय में आवेदन किया था।शिकायत के मुताबिक, आरोपी लिपिक उमेश कुटे ने इमारत का वार्षिक संपत्ति कर 91,472 रुपये निर्धारित होने की बात कहते हुए इसे घटाकर करीब 50 हजार रुपये करने के बदले शिकायतकर्ता से पहले 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 1.30 लाख रुपये तय की गई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 3 सितंबर को मामले की जांच और सत्यापन किया। इस दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपी को 1.20 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए सांगवी के आनंद नगर स्थित रिवरिंग टैंक रोड पर दोपहर करीब 2 बजे पकड़ लिया।इस कार्रवाई के बाद सांगवी पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले की आगे की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जा रही है।
