आळंदी | अर्जुन : मेदनकरतीर्थक्षेत्र आळंदी स्थित पवित्र इंद्रायणी नदी में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में मिलने से नदी प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर गंभीर हो गया है। नगर परिषद के जलापूर्ति केंद्र से लेकर चिंबळी बंधारे तक नदी के दोनों किनारों पर हजारों मरी हुई मछलियां देखी गईं, जिससे वारकरी, श्रद्धालु और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराज़गी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका तथा पीएमआरडीए क्षेत्र से रासायनिक एवं दूषित सांडपानी बिना शोधन के सीधे इंद्रायणी नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके कारण नदी का जल प्रदूषित हो रहा है और जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
नागरिकों ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB), पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका और पीएमआरडीए पर प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हर वर्ष इसी प्रकार की घटना होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।
हिंदू महासभा ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
अखिल भारत हिंदू महासभा ने पुणे जिलाधिकारी, विभागीय आयुक्त, MPCB, पिंपरी-चिंचवड़ महापालिका और पीएमआरडीए को ज्ञापन सौंपकर नदी प्रदूषण तत्काल रोकने, दोषी उद्योगों व संस्थाओं पर आपराधिक कार्रवाई करने तथा प्रदूषित पानी का प्रवाह बंद करने की मांग की है।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वैभवराज रौंदळ और पुणे जिला धार्मिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष अर्जुन मेदनकर ने चेतावनी दी है कि यदि स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वारकरी, श्रद्धालु और नागरिक व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे।

