:पिंपरी-चिंचवड़ :अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण में उपवर्गीकरण कर मातंग समाज सहित अन्य वंचित घटकों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी नौकरियों में समान अवसर देने की मांग को लेकर 29 सितंबर को मुंबई में ‘निर्धार मोर्चा’ निकाला जाएगा। विधायक अमित गोरखे के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह मोर्चा आरक्षण में समान अवसर की मांग को लेकर किया जा रहा है।
राज्यभर में 75 से अधिक मोर्चे और आंदोलन
आरक्षण का लाभ सभी वंचित घटकों तक समान रूप से पहुंचाने तथा लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे समाज को प्रतिनिधित्व दिलाने के उद्देश्य से राज्यभर में अब तक 75 से अधिक मोर्चे और आंदोलन किए जा चुके हैं। इसी क्रम में 29 सितंबर को मुंबई में ‘निर्धार मोर्चा’ आयोजित किया जाएगा।
विधायक अमित गोरखे ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य समाज के सभी वंचित घटकों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के कुछ घटकों को अभी भी आरक्षण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। शिक्षा, रोजगार और सरकारी नौकरियों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण में उपवर्गीकरण जरूरी है।
ये हैं प्रमुख मांगें
आरक्षण में उपवर्गीकरण: अनुसूचित जाति आरक्षण में उपवर्गीकरण लागू कर मातंग सहित अन्य वंचित समाज को उनके अधिकार का हिस्सा देना।
शिक्षा और रोजगार: वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर उपलब्ध कराना।
सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व: भर्ती प्रक्रिया में उपवर्गीकरण के आधार पर न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।
मोर्चे में राज्यभर से मातंग, मादिगा, बुरूड, चर्मकार सहित विभिन्न वंचित समाजों के लोग, सामाजिक संगठन, कार्यकर्ता, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल होने की तैयारी में हैं। आयोजकों के अनुसार मुंबई के आजाद मैदान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर आरक्षण में समान अवसर और न्याय की मांग उठाएंगे।

