कोथरूड में प्रस्तावित ग. अ. कुलकर्णी पथ – कर्वे पुतला रास्ता जोड़ परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय उपायों को इस उपक्रम से मदद
पुणे, : पुणे महानगरपालिका (PMC) और आनंदवन फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण और पुनर्रोपण का उपक्रम हाथ में लिया है, जिसके तहत पुणे में 6,500 नए वृक्षों की लगावट और 500 मौजूदा वृक्षों का पुनर्रोपण किया जाएगा।
आनंदवन फाउंडेशन ने अपनी देखरेख में मौजूद सर्वे नं. 18 येवलेवाड़ी स्थित 7 हेक्टेयर जगह पर वृक्षारोपण और पुनर्रोपण का काम करने के लिए पुणे महानगरपालिका को सहमति दी है। वृक्षारोपण और पुनर्रोपण के बाद इन वृक्षों की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी पुणे महानगरपालिका के पास रहेगी। इस सहमति पत्र की प्रति उप-वनसंरक्षक, पुणे को भी दी गई है।
इस फैसले से कोथरूड में प्रस्तावित ग. अ. कुलकर्णी पथ से कर्वे पुतला डीपी रोड प्रोजेक्ट से जुड़े पर्यावरणीय उपायों में मदद मिलेगी और इस महत्वपूर्ण सड़क की आगे की प्रक्रिया का मार्ग खुलने में मदद मिलेगी।
परिसर के अंदरूनी आवागमन को अधिक आसान बनाना और मौजूदा मुख्य सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करना इस उद्देश्य से यह नया रास्ता प्रस्तावित किया गया है। इस प्रोजेक्ट की वजह से कुछ वृक्ष प्रभावित होंगे, जिनमें से पुनर्रोपण के योग्य वृक्षों का पुनर्रोपण किया जाएगा। साथ ही तय की गई जगह पर बड़े पैमाने पर नए वृक्षों की लगावट की जाएगी।
इस बात की पुष्टि करते हुए पुणे महानगरपालिका पथ विभाग के अधिकारी राजेश बनकर ने कहा, “प्रस्तावित कर्वे पुतला रास्ता जोड़ का उद्देश्य कोथरूड के अंदरूनी आवागमन को सुधारना और मौजूदा सड़कों और चौराहों पर यातायात के दबाव को कम करना है। पुनर्विकास और बढ़ते यातायात की पृष्ठभूमि में यह अतिरिक्त मार्ग स्थानीय यातायात को ज्यादा प्रभावी तरीके से बांटने में और इलाके की ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ सुधारने में मदद करेगा। पुणे शहर का विकास होते समय बुनियादी सुविधाओं का विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी दोनों को एक साथ आगे ले जाना जरूरी है।”
उन्होंने आगे कहा, “वृक्षारोपण और पुनर्रोपण कार्यक्रम के लिए जरूरी जगह उपलब्ध कराने के लिए हम आनंदवन फाउंडेशन का आभार मानते हैं। इस जगह की वजह से यह काम नियोजनबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। वृक्षों की लगावट के बाद उनकी सही देखभाल और संरक्षण करना उतना ही जरूरी है। पुणे महानगरपालिका इन वृक्षों के दीर्घकालीन रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी।”
आनंदवन फाउंडेशन के संस्थापक सचिव भूपेश शर्मा ने कहा, “वृक्षारोपण और पुनर्रोपण के लिए निश्चित की गई जगह पुणे महानगरपालिका को उपलब्ध कराते हुए हमें खुशी हो रही है। इस उपक्रम से पुणे के हरित क्षेत्र में सार्थक बढ़ोतरी होगी और सही दीर्घकालीन देखभाल से यह उपक्रम टिकाऊ साबित होगा, ऐसी हमें उम्मीद है।”
कोथरूड इलाके में पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर पुनर्विकास हुआ है, जिससे आबादी का घनत्व और यातायात की मात्रा बढ़ी है। इस इलाके के ज्यादातर अंदरूनी रास्तों का जाल तब बनाया गया था जब यातायात तुलनात्मक रूप से कम था। प्रस्तावित नए रोड कनेक्शन से इलाके को एक और अंदरूनी वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। इससे स्थानीय यातायात का ज्यादा प्रभावी तरीके से बंटवारा होगा और इलाके में यातायात और आसान होने में मदद मिलेगी।
यह रास्ता पुणे में फैल रही पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए भी मददगार साबित होगा। इसमें नल स्टॉप से वारजे और माणिकबाग तक प्रस्तावित पुणे मेट्रो के नए 4अ विस्तार का भी समावेश है।

