पुणे – भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एनडीटीवी वर्ल्ड समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति, उपलब्धियों और देश में उठ रहे विभिन्न सवालों पर चर्चा करने की अपेक्षा थी। लेकिन इन मुद्दों पर बोलने के बजाय, उन्होंने अपने भाषण में मुख्य रूप से विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना पर जोर दिया और उन्हें ‘असफल व अनुत्पादक’ बताया। भाजपा नेताओं को राहुल गांधी फोबिया हुआ है, विश्व सम्मेलन में मोदी ने आलोचना पर समय क्यों गंवाया है, इससे देश के प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुँच रही है। यह सवाल कांग्रेस ने उठाया है.
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को राहुल गांधी का फोबिया हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री राहुल गांधी को ‘अनुत्पादक और असफल’ मानते हैं, तो फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी आलोचना करने में इतना समय क्यों खर्च करते हैं? तिवारी ने एक बयान में कहा कि एनडीटीवी वर्ल्ड समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री से देश की विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति, उपलब्धियों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार रखने की अपेक्षा थी। लेकिन, उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना पर अधिक जोर दिया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री पद की गरिमा के अनुकूल नहीं बताया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में इतने असफल और अनुत्पादक हैं, तो प्रधानमंत्री को विश्वस्तरीय मंच पर उनकी आलोचना करने में देश के लिए उपलब्ध महत्वपूर्ण समय क्यों गंवाना पड़ा? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को महंगाई, बेरोजगारी, अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों, अमेरिका के दबाव और सरकार पर उठ रहे सवालों जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखनी चाहिए थी।
गोपालदादा तिवारी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को ऐसे मंचों पर अपनी सरकार की उपलब्धियों और कार्यों के आधार पर अपनी क्षमता प्रस्तुत करनी चाहिए, न कि विपक्षी नेताओं पर लगातार टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री की बयानबाजी को विपक्ष के प्रति द्वेषपूर्ण रवैये का उदाहरण बताया।
2024 के चुनाव परिणामों का भी किया उल्लेख
कांग्रेस प्रवक्ता ने 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने 2019 में 52 सीटों के मुकाबले 2024 में 99 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा की सीटें 303 से घटकर 240 रह गईं। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से मिले जनादेश को भाजपा नेतृत्व नजरअंदाज कर रहा है। तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के कार्यकाल में ईडी, सीबीआई और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर उठे सवालों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर सत्ता के प्रति अत्यधिक आग्रह रखने का आरोप लगाया।
गोपालदादा तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष पर निशाना साधने के बजाय देश की जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। यही प्रधानमंत्री पद की गरिमा और जिम्मेदारी के अनुरूप होगा।

